बजाग बीएमओ का नशा करते वीडियो हुआ शोशल मीडिया में तेजी से वायरल

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विवादित रही है कार्यप्रणाली,

जनविरोध के बाद भी जमे है बीएमओ ,

रेवांचल टाइम्स बजाग – मुख्यालय में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी का नशा करते वीडियो जमकर वायरल हो रहा है सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में प्रदर्शित किए जा रहे दृश्य में बीएमओ साहब की करतूतें साफ नजर आ रही है जिसमें वह हाथ मे मादक पदार्थ से भरे चिलम को रख कर उसे लाइटर से जला रहे है और आधे हिस्से में पानी से भरी एक बोतल में होठ चिपकाकर नशे का कश लगा कर धुएं का गुबार छोड़ रहे है देखने में ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे चिलम में कोई नशीला पदार्थ भरा हुआ है और साहब बड़े मजे से उसका आनंद ले रहे है
वीडियो के वायरल होने के बाद उक्त अधिकारी की कार्यप्रणाली को लेकर क्षेत्र के लोगों में आक्रोश पैदा हुआ है और इस कृत्य की निंदा की जा रही है मामले में लोगो की अलग अलग प्रतिक्रियाए सामने आ रही है लोगो का कहना है कि एक तरफ शासन द्वारा नशे की प्रवृति रोकने और उसके दुष्प्रभाव से बचाने लोगों को अभियान चलाकर जागरूक कर रही है दूसरी तरफ जिन्हें इस अभियान को सफल बनाने की जिन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई है उनमें से कुछ ऐसे अधिकारी नशे को अपना कर समाज को एक अलग ही संदेश दे रहे है वायरल वीडियो चिकित्सीय आवास का बताया जा रहा है जिसकी पुष्टि अभी होना बाकी है
विभागीय सूत्रों की माने तो यह नशे की पहली हरकत नहीं है नशा करना तो बीएमओ साहब की आदत में शुमार है बीते दिनों भी एक चिकित्सक की बर्थ डे पार्टी के दौरान शराबखोरी के चलते चिकित्सकों में जमकर आपसी विवाद हुआ था।जिसका परिणाम अब निकलकर सामने आ रहा है इनके क्रियाकलाप देखने से ऐसा लग रहा है कि नगर का अस्पताल परिसर कतिपय चिकित्सकों का नशे का अड्डा बन कर रह गया है

विवादित रही है कार्यप्रणाली :
जबसे उक्त चिकित्सक नगर के सी एच सी में बीएमओ के पद पर काबिज हुए है तबसे हमेशा किसी न किसी मुद्दे को लेकर जनचर्चा का विषय बने रहे है फिर वह चाहे अपनी मनमानी को लेकर क्यों न हो।समय पर मरीजों को भी स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिलने से कई बार लोगों की नाराजगी भी सामने आई है मरीजों से अभद्र व्यवहार के साथ विवादित कार्यप्रणाली की कई शिकायतें जिले के अधिकारियों तक पहुंची।जानकारी के अनुसार इनके कार्यकाल में अस्पताल में समुचित उपचार नहीं मिलने पर असंतुष्ट मरीजों ने सी एम हेल्पलाइन में दर्जनों शिकायत दर्ज कराई।एक बच्चे के इलाज में लापरवाही बरतने पर थाने में भी शिकायत की गई थी ऐसे कई घटनाक्रम हुए जिसके कारण इन्हें आमजन के विरोध का सामना करना पड़ा ।लोगो का कहना है कि जबसे इनकी पदस्थापना हुई है तबसे साहब के कार्यकाल का इतिहास खंगाला जाए तो इनके कारनामे प्रशासन के संज्ञान में आ ही जाएंगे।

सर्पदंश के मामले में घिरे थे :
बीते अगस्त के महीने में सी एच सी में एक सर्पदंश का मामला आया था जिसमें अस्पताल में भर्ती एक बारहवीं की छात्रा को इलाज की सख्त दरकार थी लेकिन यहां भी बीएमओ की लापरवाही सामने आई ।स्टॉफ नर्स के बार बार फोन कॉल किए जाने के बाद भी उनके द्वारा जिम्मेदारी नहीं निभाई गई। और सर्पदंश पीड़िता को देखने डॉक्टर अस्पताल नहीं आए बाद में उसकी मौत हो गई थी इस मामले में भी क्षेत्र में अस्पताल प्रबंधन की किरकरी हुई थी लोगो का कहना है कि इस प्रकरण की काफी दिनों बाद जांच तो हुई परंतु पीड़ित को न्याय नहीं मिला।

कबाड़ और यूके लिपिस्टिस बेचने के लग चुके है आरोप :

मेडिकल ऑफिसर रहते हुए उक्त चिकित्सक पर अस्पताल में खड़ी एक एंबुलेंस और अन्य उपकरणों को कबाड़ में बेचने के मामले पर तत्कालीन बीएमओ के साथ शामिल होने के आरोप लगे थे। इस मामले में सी एम एच ओ कार्यालय से नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था ग्राम पंचायत की बिना अनुमति के अस्पताल परिसर में लगे यूके लिपटिस के पेड़ो को मनमानी पूर्वक नियमविरुद्ध कटवाकर बेचने के मामले पर भी स्थानीय ग्राम पंचायत द्वारा नोटिस कर जवाब व हिसाब मांगा गया था। कई मामलों में विवादों में घिरे रहने के बावजूद इनकी आदतों में सुधार नहीं आया। और अब नशे के सेवन के मामले में घिरते दिखाई दे रहे है

जनविरोध भी हुआ।
अस्पताल की अव्यवस्थाओं और मरीजों को सही समय पर इलाज नहीं मिलने पर तथा बीएमओ की विवादित कार्यप्रणाली को लेकर क्षेत्र आमजनों को आंदोलन का सहारा तक लेना पड़ा था चक्काजाम कर हटाने की मांग की गई थी जानकारी के अनुसार चिकित्सक ने पूर्व में ही योग्यता अनुसार बीएमओ पद पर बने रहने हेतु माननीय उच्चतम न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया था। जिससे जनविरोध के बाद भी प्रशासन इन्हें आज तक नहीं हटा पाया है। और अब नए कारनामे सामने आ रहे है

वही रेवांचल टाइम्स वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है

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