पढ़ने आए थे सपने लेकर, अब कर रहे हैं झाड़ू-पोछा ….होस्टल में अत्याचार का आलम

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होस्टल अधीक्षिका की प्रताड़ना से ख़ौफ़ साये में बच्चे
रोते हुए बच्चों ने बताया अपना दुखड़ा पढ़ने की उम्र प्रबंधन लगवा रहा झाड़ू पोछा

रेवांचल टाइम्स – मंडला, आदिवासी जिले की दुर्दशा का जिम्मेदार आख़िर कौन है जिला प्रशासन या जनप्रतिनिधि जो अपनी जिम्मेदारियों से भागते नज़र आ रहें है और उनके अधीनस्थ अधिकारी कर्मचारियों के मनमाने रवैया अब लोगों के सामने आ रहा हैं जहाँ पर इनकी मनमानी चरम सीमा पार करते दिखाई पड़ रही हैं और शिक्षा विभाग का क्या स्तर है ये बात अब किसी से छिपी नहीं है सब के सब बच्चों के मुंह का निवाला छिनने में लगें हुए है और जिले मे कमीशन खोरी घूसखोरी भी चरम सीमा पार कर चुकी है और यह सब जिला प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा हैं!
वही सूत्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंडला जिले के विकास खंड मोहगांव का है जहाँ पर एक छात्रावास में अध्यनरत छात्रा ने आप बीती अपने परिजन से बता कर रो पड़ी, जहाँ केंद्र एवं राज्य सरकार के द्वारा शिक्षा के स्तर में अच्छा सुधार हो जिसके लिए सरकार नई नई नीति बनाकर बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त कर सके जिसके लिये बड़े बड़े स्कूल छात्रावास भवनो और आवासीय परिसर का निर्माण कराया जा रहा है जिसमे प्रमुख रूप से सी एम राइज स्कूल एवं एकलव्य आवासीय परिसर भवनों का निर्माण कराया गया है साथ ही साथ आदिवासी बच्चों को अच्छी शिक्षा वा भोजन के साथ रहने की व्यवस्था बनाई गई है जिसमे जिले में हर जनपदों में कक्षा एक से लेकर बारहवीं तक के बच्चों के लिये छात्रा वासो की व्यवस्था की गई है जहां पर अच्छा भोजन एवं अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सके । सूत्रों से जानकारी अनुसार गिठार मोहगांव- जूनियर आदीवासी कन्या आश्रम गिठार से आई बेहद निंदनीय व शर्मनाक खबर कन्या आश्रम में रह रहीं नन्हीं छात्राओं ने छात्रावास अधीक्षिका शुर्मिला कुशरे जो वर्ष 2011 से पदस्थ है जिन पर छात्रावास की छात्राओं ने अधीक्षिका के ऊपर हांथ पैर दबाने कपडे धुलवाने- झाडू पौंछा लगवाने जैंसे कई गम्भीर आरोप बच्चों एवं परिजनों के द्वारा छात्रावास अधीक्षका के ऊपर मैन्यू के हिसाब से भोजन न देने के गंभीर आरोप लगाए गए है
मोहगांव विकासखंड में लगभग दर्जनों की संख्या में छात्रावास है इन कई छात्रावासों में अधीक्षक दस वर्षों से अधिक समय से जमे हुए है आखिर इन जमे हुए अधीक्षकों का तबादला क्यो नही किया जाता है जबकि मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग के नियम के अनुसार छात्रावासो में 3 साल से अधिक नही रह सकते हैं और छात्रावास अधीक्षक के कार्य अच्छा होने पर एक साल बढ़ाया जा सकता है परन्तु मोहगांव शिक्षा विभाग ने वर्षों से जमे छात्रावास अधीक्षक को नहीं हटाया गया है मोहगांव शिक्षा विभाग और हॉस्टल अधीक्षकों के बीच साथगांठ से काम चलता हुआ दिखाई दे रहा है इसका जीता जागता उदाहरण गिटार जूनियर छात्रावास है इसमें सालों से जमे हॉस्टल शिक्षक की मनमानी से बच्चों को मानसिक तौर से प्रताड़ना कर उनसे बर्तन साफ झाड़ू पोछा लगवाना एवं उन्हें शौचालय टॉयलेट साफ करवाना जैसे गलत कार्य कराया जा रहे हैं जो स्कूल शिक्षा विभाग के नियम के विरुद्ध है।

इनका कहना हैं कि
मामला संज्ञान में आते ही छात्रावास जाकर निरीक्षण कर छात्राओं एवं उनके परिजनों के ब्यान के साथ हॉस्टल अधीक्षिका के ब्यान लिए गए है जांच रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी जायेगी।
ए. के.जैन
खंड शिक्षा अधिकारी मोहगांव

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