मंडला की दहाड़: “सुंदर स्टेशन क्या करेंगे, जब नागपुर-इंदौर की रेल न मिले?”

​सांसद कुलस्ते से आस, कब पूरी होगी आदिवासी अंचल की 'लाइफलाइन' रेल मांग?

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रेवांचल टाइम्स – मंडला, मध्य प्रदेश केंद्रीय मंत्री रहे और मंडला से सात बार के सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते के प्रति क्षेत्र की जनता ने एक बार फिर बड़ी आशा बांधी है। ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन के हुए भव्य आधुनिकीकरण और सौंदर्यीकरण की स्थानीय लोग सराहना कर रहे हैं, लेकिन उनकी जुबान पर एक ही सवाल है: “सिर्फ सुंदर दिखने वाले स्टेशन से क्या होगा, जब तक रेल सुविधा सुलभ न हो?”
​जनता का स्पष्ट मत है कि विकास दिखावे के लिए नहीं, बल्कि सुविधा और कनेक्टिविटी के लिए होना चाहिए।

​*जनता की दो टूक मांगें* नागपुर-इंदौर कनेक्टिविटी ही ‘लाइफलाइन’*

​आदिवासी बहुल मंडला अंचल के निवासियों की दो प्रमुख रेल मांगें अब आंदोलन का रूप ले रही हैं, जो सीधे तौर पर उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यवसाय से जुड़ी हैं:
​1. मंडला-नागपुर रेल सेवा की बहाली: स्वास्थ्य की ‘लाइफलाइन’
​पुरानी यादें: नैरोगेज के समय मंडला से नागपुर के लिए सीधी रेल चलती थी। नागपुर के बड़े अस्पताल आदिवासी अंचल के लोगों के लिए कम खर्चे में इलाज कराने का सबसे सुगम जरिया थे।
​वर्तमान स्थिति पर रोष
ब्रॉडगेज बन जाने के बाद भी यह अत्यावश्यक सेवा आज तक शुरू नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक ट्रेन नहीं, बल्कि उनके लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँचने की एक ‘लाइफलाइन’ है।
​2. पंचवेली एक्सप्रेस का विस्तार: मंडला फोर्ट से इंदौर तक
​बढ़ती मांग
छिंदवाड़ा/नैनपुर से चलने वाली महत्वपूर्ण पंचवेली एक्सप्रेस को मंडला फोर्ट से इंदौर तक चलाने की मांग अब ज़ोर पकड़ चुकी है।
​कनेक्टिविटी का आधार
इंदौर व्यावसायिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य का एक बड़ा केंद्र है। मंडला से इंदौर की सीधी रेल कनेक्टिविटी से व्यापारियों, छात्रों और मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
​अक्टूबर 2025 का उदाहरण
10 अक्टूबर 2025 को रेलवे ट्रैक खाली न होने के कारण पंचवेली ट्रेन को मंडला फोर्ट तक भेजा गया था, और फिर यह नैनपुर से इंदौर के लिए रवाना हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब रेलवे आपातकाल में इसे मंडला तक ला सकती है, तो इसे स्थायी रूप से यहीं से क्यों नहीं चलाया जा सकता?
​*सांसद कुलस्ते के सामने ‘समय सीमा’ का सवाल*
​स्थानीय निवासियों ने सांसद कुलस्ते के प्रयासों से नैनपुर तक कुछ नई ट्रेनों के संचालन और स्टेशन के सौंदर्यीकरण को स्वीकारा है, लेकिन मुख्य शहरों (नागपुर, इंदौर, भोपाल) से सीधी कनेक्टिविटी अभी भी एक ‘बड़ा सपना’ बनी हुई है।
​पिछले बयानों में, केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने स्वयं इन मांगों को स्वीकार करते हुए रेल मंत्रालय से आग्रह करने की बात कही थी और दिल्ली, भोपाल सहित अन्य प्रमुख शहरों के लिए कनेक्टिंग ट्रेनें शुरू करने की योजना भी बताई थी।
​जनता का सीधा सवाल है
7 बार लोकसभा का प्रतिनिधित्व कर चुके और केंद्र में मंत्री रहे सांसद , और डबल इंजन की सरकार होते हुए कब इस आदिवासी अंचल को रेल सुविधाओं की यह बहुप्रतीक्षित सौगात देंगे?
आदिवासी जिला हर बार की तरह इस बार भी डबल इंजन की सरकार चुनने में पूरा समर्थन किया है
​मंडला की जनता अब सिर्फ खूबसूरत स्टेशन नहीं, बल्कि सुविधाजनक रेल की रफ्तार देखना चाहती है!

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