राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे के ढाबों में खुलेआम देशी शराब की बिक्री, नई पीढ़ी बिगाड़ की ओर बढ़ रहीं चोरी की वारदातें

नारायणगंज से सटे राष्ट्रीय राजमार्ग के ढाबों में बिक रही देशी शराब
नई पीढ़ी पर मंडरा रहा खतरा, चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी

रेवांचल टाइम्स नारायणगंज मंडला क्षेत्र से सटे राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित कई ढाबों में खुलेआम देशी महुआ शराब की बिक्री जारी है। देर रात तक इन ढाबों में नशे का दौर चलता है, जहां नई उम्र के युवक बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। सस्ती और आसानी से उपलब्ध यह शराब युवाओं के जीवन को धीरे-धीरे बर्बादी की ओर धकेल रही है। कभी यात्रियों के भोजन और विश्राम के लिए प्रसिद्ध रहे ये ढाबे अब नशे के अड्डों में तब्दील हो चुके हैं।

सूत्रों से जानकारी अनुसार कि शाम ढलते ही इन ढाबों के आसपास शराबियों की भीड़ लग जाती है। कई युवक नशे में धुत होकर सड़क पर हंगामा करते हैं, जिससे आम जनता परेशान होती है। कई बार झगड़े, तोड़फोड़ और मारपीट की घटनाएं भी हो चुकी हैं। इस स्थिति से क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है और स्थानीय लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।ग्रामीणों ने बताया कि ढाबों में बिकने वाली देशी शराब अधिकतर महुआ से तैयार की जाती है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। बावजूद इसके, बिक्री पर रोक लगाने में पुलिस तंत्र पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। कभी-कभार की जाने वाली जांच के बाद हालात दोबारा वैसे ही हो जाते हैं।नशे की बढ़ती प्रवृत्ति का असर अब सामाजिक और आपराधिक गतिविधियों में भी दिखाई दे रहा है। क्षेत्र में चोरी और अन्य छोटी आपराधिक घटनाओं में इजाफा हो रहा है। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि इन ढाबों पर सख्त कार्रवाई की जाए, नियमित जांच की व्यवस्था हो और अवैध शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह नशे की लत आने वाली पीढ़ी को अंधकारमय भविष्य की ओर ले जाएगी।

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