-संबल योजना के आड़ में “अमरवाडा” जनपद पंचायत में भ्रष्टाचार का बड़ा खेल- कि जा रही हैं रिश्वत की माँग

 

“रेवांचल टाईम्स – एक पिता की जवान बेटी की मृत्यु हुई, फिर भी योजना का लाभ देने के लिए रिश्वत में सचिव-सरपंच ने मांग लिए पचास हजार”।

“अधिकारियों और सचिव ने मिलकर राशि में लगवाया होल्ड,खुद मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करके ,बाद में खुद सचिव ने फर्जी बताकर लगवा दिया राशि में होल्ड”

अमरवाडा:- अगर आपको अपने परिवार में किसी की मृत्यु होने के बाद संबल योजना का लाभ लेना है तो सरपंच-सचिव और जनपद पंचायत के अधिकारीयों को रिश्वत के तौर पर साठ(60) हजार रूपये देने होंगे फिर आपका काम हाथो-हाथ कर दिया जायेगा,और आपने रिश्वत देने से इंकार कर दिया तो आपके खाते में आई हुई राशि पर भी सरपंच सचिव और जनपद के अधिकारीयो के द्वारा होल्ड लगवा दिया जायेगा।
जी हां आज हम बात कर रहे हैं छिंदवाड़ा जिले की तहसील अमरवाड़ा जनपद पंचायत की-
जहा पर अमरवाडा जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत ढो़ड़ाकुही की -जिसमें सचिव सरपंच और जनपद पंचायत के अधिकारीयो ने संबल योजना से साधारण मृत्यु पर मिलने वाली “दो लाख रूपये” की राशि डालने के नाम पर “साठ हजार रूपये की रिश्वत मांग डाले,
पीड़ित परिवार-दुलीचंद परतेती एक आदिवासी और गरीब अशिक्षित परिवार है और एक पिता की इकलौती जवान बेटी की बीमारी के चलते मौत हो गई, लेकिन उससे सरपंच-सचिव और जनपद अधिकारीयो के द्वारा सहानुभूति दिखाने की बजाय ,दो लाख रूपये की राशि निकालने के लिए साठ हजार रूपये में सौदा तय हो गया ,और हाथों-हाथ सरपंच ने सात हजार और सचिव ने पांच हजार रूपये मृतक के माता-पिता से ले डाले और बाकी राशि ,दो लाख रूपये में से ही पचास हजार रूपये देने की बात तय की गई। और हाथों-हाथ दो लाख रूपये की राशि डालने की प्रक्रिया शुरू हुई और लगभग एक साल के भीतर राशि भी पीड़ित परिवार के खाते में डाल दी गई लेकिन असली मामला यहां से शुरू हुआ,जब खाते में राशि आ गई तो पीड़ित परिवार ने पचास हजार देने से मना कर दिया ।
सचिव ने खुद जारी किये हुए मृत्यु प्रमाणपत्र को बता डाला फर्जी-
जब राशि खाते में आने के बाद पीड़ित परिवार ने पचास हजार रुपए देने से मना कर दिया तो, पंचायत द्वारा और खुद सचिव द्वारा जारी किये मृत्यु प्रमाणपत्र को खुद सचिव और जनपद पंचायत अधिकारीयो ने मिलकर पचास हजार न मिलने के कारण मृत्यु प्रमाणपत्र को फर्जी बताकर पीड़ित पिता के खाते आई राशि पर होल्ड लगवा दिया और उल्टा पीड़ित पिता को ही उसी के ऊपर एफआईआर कराने की धमकी भी दे डाली।
होल्ड हटवाने के लिए पीड़ित परिवार ने ली अधिकारियों शरण-
जब खाते में होल्ड लगवा दिया गया तो पीड़ित माता-पिता के द्वारा जनपद पंचायत सीईओ जिला सीईओ और जिला कलेक्टर तक गुहार लगाई गई और अपनी आपबीती बताई गई, लेकिन सारी जांच घूम-फिरकर अमरवाडा जनपद उन्हीं अधिकारियों के पास आ जाती और वे अपनी जांच में फिर वही लिख देते थे कि सचिव ने त्रुटीवश मृत्यु प्रमाणपत्र गलत तारीख का बना दिया गया ।सचिव पर कार्यवाहीं करें, लेकिन सांठगांठ इतनी तगड़ी थी कि न तो दो सालों में खाते से होल्ड हटा और न ही रिश्वत खोर सचिव को निलंबित किया गया।और न ही सरपंच पर धारा 40 की कार्यवाही अभी की गई,?
जब एक मौत होती है तो गांव वाले ,रिश्तेदार सगे संबंधी सभी पहुंचते हैं ,और सभी को मृत्यु का दिन-दिनांक याद होती है, लेकिन सचिव सरपंच और अधिकारियों ने केवल पचास हजार की रिश्वत न मिलने के कारण लड़की की मृत्यु के तीन महीने बाद होना बता दिया।
अब फैसला जनता का- अधिकारियों के बाद अब फैसला “जनता” को करना है की क्या पीड़ित परिवार को राशि से होल्ड हटे और न्याय मिले? और संबंधित दोषीयों पर कार्यवाहीं की जाये या फिर आगे भ्रष्टाचार के लिए और छूट दी जाये?

1• जब ये मामला चला था उस समय मैं यहां पोस्टेड नहीं था आज मिडिया के माध्यम से मेरे संज्ञान में ये मामला आया है , पीड़ित परिवार के द्वारा जनपद पंचायत में आवेदन दिया जाये ,मेरे द्वारा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच पुनः की जायेगी
(जयदेव शर्मा – सीईओ जनपद पंचायत अमरवाडा)

2• मेरे द्वारा लगभग दो वर्ष पहले इस मामले में ग्राम पंचायत ढो़ड़ाकुही जाकर जांच की गई थी,जिसमें सचिव सरपंच की बड़ी लापरवाही सामने आई थी ,जिसके संबंध में मेरे और पूर्व सीईओ के द्वारा जांच प्रतिवेदन जिला पंचायत भिजवा दिया गया था, लेकिन आज दिनांक तक जिला पंचायत सीईओ द्वारा सचिव-सरपंच कर कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
(अशोक सराठिया- बीपीओ एवं पंचायत इंस्पेक्टर जनपद पंचायत अमरवाडा)

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