छत्तीसगढ़ से आए जंगली हाथियों का कहर, किसानों की धान की फसल बर्बाद
रेवांचल टाईम्स – मंडला, वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए गंभीरता पूर्वक ध्यान नहीं दिया जा रहा है यही वजह है कि वन्य प्राणी अब जंगल छोड़कर रहवासी क्षेत्र में भी आने लगे हैं वहीं वन विभाग के सूत्रों का कहना है कि जंगल में नागरिक रहने लगे हैं अपना घर मकान बनाकर इस वजह से भी वन्य प्राणी जंगल से बाहर निकल रहे हैं सही क्या है, इस विषय में विशेष आकलन किया जाए और सच्चाई पता करके इस समस्या का समाधान किया जाए हर बार जंगल से वन प्राणी बाहर निकालने की घटना घटती रहती है सबसे ज्यादा हाथियों की खबर मिलती है हाथी जंगल छोड़कर रहिवासी क्षेत्र में आते हैं और फसलों का नुकसान करते हैं इस बार भी हाथियों ने आतंक मचाया है मध्य प्रदेश के मंडला जिले के मवई विकासखंड में छत्तीसगढ़ की ओर से आए जंगली हाथियों के झुंड ने हड़कंप मचा दिया । चार हाथियों का यह दल, जिसमें एक बच्चा भी शामिल है, बीते दो दिनों से परसेल ग्राम और आसपास के खेतों में उत्पात मचाया। शुक्रवार की रात हाथियों ने खेतों में घुसकर धान की फसल रौंद दी, जिससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों का झुंड फेन नदी के किनारे जंगल में डेरा जमाए हुए थे। पिछले कुछ वर्षों में इसी क्षेत्र में हाथियों के हमले से एक किसान की मौत भी हो चुकी है, जिसके चलते लोग भयभीत हैं। रात में ग्रामीणों ने टीन और ड्रम बजाकर हाथियों को भगाने की कोशिश की, लेकिन झुंड सुबह होते ही फिर खेतों की ओर लौट आया। वन मंडल अधिकारी प्रीता एस.एम. ने जानकारी दी कि यह हाथियों का दल छत्तीसगढ़ के दलदली साजा टोला क्षेत्र से मंडला की सीमा में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि मवई और मोतीनाला रेंज में हाथियों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाया गया है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे हाथियों के नजदीक न जाएं और तुरंत वन विभाग को सूचना दें। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को फसल नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने के लिए राजस्व विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सर्वे किया जा रहा
है। साथ ही, क्षेत्र में मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क रहने और हाथियों के पास न जाने की चेतावनी दी गई है।
वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए आखिरकार कब ध्यान दिया जाएगा यह चर्चा का विषय बना हुआ है यह सभी को ज्ञात है कि मध्य प्रदेश के मंडला जिले में कान्हा नेशनल पार्क में वन प्राणियों की सुरक्षा के लिए कोई ध्यान नहीं दिया जा रहाहै लगातार बाघों की मौत पर कान्हा प्रबंधन पर प्रश्न चिन्ह लगा हुआ है चाहे कारण जो भी हो लेकिन यहां पर बाघों की मौत हो रही है इसके अलावा यहां पर वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा है वन्य प्राणी जंगल से बाहर निकल रहे हैं तो संबंधित अमला आखिरकार क्या कर रहा है यह जांच का विषय हो गया है जन अपेक्षा है वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए विशेष ध्यान दिया जाए।