सर्दी के मौसम में अगर ऊनी कपड़ों से हो जाती है एलर्जी, तो यहां हैं इससे बचने के उपाय

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सर्दियां आ चुकी है और इस मौसम में ठंड से बचने के लिए लोग वुलेन यानी ऊनी कपड़े पहनते हैं। लेकिन आपको बता दें, कुछ लोगों को वुलेन वाले कपड़े पहनने की वजह से स्किन पर एलर्जी होने लगती है। गर्म कपड़े पहनने से स्किन पर लाल चकते पड़ जाते हैं या महीन दाने निकल आते हैं, जिसकी वजह से इरिटेशन, खुजली और स्किन पर जलन होने लगती है।

अगर आपके साथ भी ये समस्या होती है, तो आज हम आपको बतायेंगे की ऊनी कपड़े पहनते समय किन बातों को ध्यान रखने से इस समस्या से राहत मिल सकती है।

ऊनी कपड़ों से एलर्जी से बचाव के लिए करें ये उपाय:

कॉटन की लेयर पहनें

ऊनी कपड़े सीधे शरीर पर न पहनें। सबसे पहले हल्के सूती (cotton) या लिनन के कपड़े पहनें, उसके ऊपर स्वेटर या शॉल डालें। इससे ऊन की रगड़ त्वचा से नहीं होगी।

स्किन को मॉइश्चराइज़ करें

नहाने के तुरंत बाद मॉइश्चराइज़र या बॉडी ऑयल लगाएं ताकि त्वचा में नमी बनी रहे। एलोवेरा जेल, कोको बटर, या नारियल तेल अच्छे विकल्प हैं।

हल्के और सॉफ्ट ऊनी कपड़े चुनें
अगर ऊन से एलर्जी है, तो मेरिनो वूल, कैश्मीयर, या एक्रिलिक ब्लेंड वाले कपड़े पहनें- ये सामान्य ऊन से मुलायम होते हैं।

कपड़ों को सही तरीके से धोएं

ऊनी कपड़े धोते समय हल्के डिटर्जेंट का प्रयोग करें। धुलाई के बाद अगर ऊन में डिटर्जेंट रह जाए, तो वह भी स्किन इरिटेशन बढ़ा सकता है।

स्किन को ड्राई न रहने दें

सर्द हवाओं में नहाने के लिए बहुत गर्म पानी न लें- इससे स्किन और ड्राई हो जाती है। गुनगुने पानी से नहाएं और बाद में तुरंत मॉइश्चराइज़र लगाएं।

अगर एलर्जी बढ़ जाए डॉक्टर की सलाह से एंटीहिस्टामिन या माइल्ड हाइड्रोकोर्टिज़ोन क्रीम लगाएं। लगातार खुजली, जलन या लाल धब्बे बने रहें, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से जरूर मिलें।

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि, वुलेन एलर्जी का इलाज देखा जाए तो इस तरह की वुलेन एलर्जी का कोई प्रॉपर इलाज नहीं है। हां, लेकिन डॉक्टर्स इसके लिए कुछ एंटी-एलर्जिक दवाएं देतें हैं।

हालांकि, इस समस्या में दवा का असर रहने तक ही आराम रहता है और फिर एलर्जी और खुजली की समस्या शुरू हो जाती है। ऐसे में आप कुछ घरेलू उपायों से इससे खुद को बचा सकते हैं

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