पन्ना में न्याय की ज़मीन भी दबंगों के कब्ज़े में: तहसीलदार का आदेश, पुलिस बल के बावजूद नहीं हो पाया सीमांकन

अजयगढ़ के मजगांव में पीड़िता को नहीं मिली जमीन पर खड़े होने की भी इजाजत, पटवारी तक को खदेड़ा गया
दैनिक रेवांचल टाइम्स पन्ना
जब सरकार का आदेश दबंगों के आगे बेबस हो जाए, तो आम आदमी कहाँ जाए?
पन्ना ज़िले के अजयगढ़ तहसील अंतर्गत ग्राम मजगांव से सामने आया यह मामला प्रशासनिक विफलता** और दबंगों के बेलगाम हो जाने का ज्वलंत उदाहरण है। एक महिला — राजकुमारी यादव पत्नी बल्लू यादव — जिनकी जमीन पर कब्ज़ा कर लिया गया है, अब *अपने ही खेत में कदम रखने से डर रही है।
दस्तावेज़ी साक्ष्य: तहसीलदार का आदेश भी बेअसर
प्राप्त सरकारी पत्र (क्रमांक / प्रावक / 2025 दिनांक 30.05.2025) के अनुसार, तहसील अजयगढ़ द्वारा थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया कि विवादित भूमि का सीमांकन पुलिस बल की उपस्थिति में कराया जाए। आदेश में साफ लिखा गया है कि:
> “राजकुमारी यादव द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार खेत खसरा 116/1, 211/1/2 कुल रकबा 0.580 हे. में दबंगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। सीमांकन में बार-बार बाधा पहुँचाई जा रही है।”
लेकिन वास्तविकता यह है कि दबंगों ने पुलिस बल को भी खेत में प्रवेश नहीं करने दिया।
जब पटवारी को भगा दिया गया..
मामला यहीं नहीं थमता। जानकारी के अनुसार जब पटवारी मौके पर सीमांकन हेतु पहुँचे, तो उन्हें **दबंगों ने धमका कर वहां से भगा दिया। इस पूरी घटना में न सिर्फ पीड़िता बल्कि राजस्व व पुलिस विभाग भी पूरी तरह लाचार नजर आए।
पीड़ित की गुहार: खेत हमारा है, पर जाने नहीं दे रहे
राजकुमारी यादव का कहना है कि:
> हमने एक साल पहले खेत बटाई पर दिया था, पर अब दबंग कब्जा कर चुके हैं। धमकी दे रहे हैं, जान से मारने की बात कर रहे हैं। हमने तहसील, कलेक्टर, एसपी सभी को आवेदन दिया, पर न्याय नहीं मिला।”
प्रशासनिक लाचारी या दबंगों से मिलीभगत?
यह मामला सिर्फ एक महिला की जमीन का नहीं, बल्कि व्यवस्था की साख का है। जहाँ:
* तहसीलदार का आदेश भी लागू न हो
पुलिस बल मौके पर प्रवेश न कर सके
* पटवारी को डराकर भगाया जाए
तो फिर आम जनता की सुरक्षा और न्याय की बात सिर्फ कागज़ों तक ही सीमित रह जाती है।
जनता का सवाल:
1. क्या तहसीलदार का आदेश अब कोई मायने नहीं रखता?
2. जब पुलिस और राजस्व अधिकारी सुरक्षित नहीं, तो पीड़ित क्या करे?
3. क्या प्रशासन दबंगों के सामने पूरी तरह नतमस्तक हो चुका है?
न्याय की उम्मीद मीडिया से
न्याय न मिलने से हताश राजकुमारी यादव ने अब मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखी है और मांग की है कि:
* प्रशासन मौके पर जाकर सीमांकन कराए
* कब्जाधारियों के खिलाफ एफआईआर और गिरफ्तारी हो
* पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जा
यह मामला महज जमीन विवाद नहीं है, यह प्रश्न है कि क्या कानून सिर्फ कागज़ पर है?
जब पटवारी, पुलिस और तहसीलदार तक दबाव में आ जाएं — तो जनता की जमीन, न्याय और सुरक्षा — सब कुछ खतरे में है।
> पन्ना प्रशासन अब यह तय करे कि वो जनता के साथ है या दबंगों के आगे झुका हुआ है।”