बरगी पम्प स्टोरेज को संदर्भ की शर्तों के साथ मंजूरी
रेवांचल टाइम्स – मंडला, विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति ने 1000 मेगावाट बरगी ओपन पम्प स्टोरेज हाइड्रो प्रोजेक्ट के लिए पर्यावरणीय प्रभाव आकलन एवं पर्यावरण प्रबंधन योजना और सार्वजनिक सुनवाई आयोजित करने हेतु टीओआर (संदर्भ की शर्तें) प्रदान करने से संबंधित आवेदन को मंजूरी दे दिया गया है। संदर्भ की शर्तें अलग से पर्यावरण मंत्रालय द्वारा मेसर्स सरेनिटिका को अलग से भेजा जाएगा। मेसर्स सरेनिटिका प्राइवेट लिमिटेड ने पर्यावरण,वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को बरगी पम्प स्टोरेज परियोजना की पर्यावरणीय मंजूरी के लिए भेजा था। यह परियोजना पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन अधिसूचना, 2006 के अनुसूची के अनुसार श्रेणी-ए, आइटम 1(सी) ‘नदी घाटी परियोजनाएं’ के तहत आती है और मंत्रालय में क्षेत्रीय परियोजना प्रबंधन में पूर्णता अनुमान (ईएसी) द्वारा केंद्रीय स्तर पर मूल्यांकन आवश्यक है। वर्तमान प्रस्ताव 1000 मेगावाट के ओपन-लूप पम्प स्टोरेज प्रोजेक्ट के लिए मौजूदा बरगी जलाशय का उपयोग किया जाएगा और एक नया ऊपरी जलाशय बनाना प्रस्तावित है जिसकी कुल भंडारण क्षमता 24.44 एमसीएम होगी तथा अधिकतम बांध की ऊंचाई 25 मीटर होगी। परियोजना के लिए कुल भूमि आवश्यकता लगभग 381.50 हेक्टेयर है, जिसमें से 110.50 हेक्टेयर निजी भूमि और 271 हेक्टेयर वन भूमि है। परियोजना के घटकों के निर्माण हेतु वन भूमि का गैर-वन उपयोग में परिवर्तन आवश्यक होगा। हालांकि, वन स्वीकृति (फोरेस्ट क्लियरेंस) के लिए आवेदन अभी तक प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिसके लिए परियोजना प्रस्तावक को आगे की कार्रवाई करनी होगी।
परियोजना प्रस्तावक ने पर्यावरण मंत्रालय को दिये गए गए आवेदन में बताया है कि नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, ऊर्जा भवन, भोपाल द्वारा दिनांक 11.08.2025 के माध्यम से 1000 मेगावाट पम्प स्टोरेज हाइड्रो प्रोजेक्ट को विकसित करने हेतु प्रारंभिक आवंटन पत्र जारी किया गया है। इस परियोजना की लागत 4689.89 करोड़ है। परियोजना में 200 मेगावाट की चार ईकाई और 100 मेगावाट की दो ईकाई लगाना प्रस्तावित है। जिससे 2078.50 मिलियन यूनिट बिजली प्रतिवर्ष उत्पादन होगा। इस परियोजना से 5 गांव के लगभग 81 लोग विस्थापित होंगे।यह ओपन पम्प स्टोरेज हाइड्रो प्रोजेक्ट ग्राम पिंडरई माल, सलैया माल, जमठार, खापा, निवारी और पोंडी जो नारायणगंज एवं बीजाडांडी विकास खंड जिला मंडला में बनना प्रस्तावित है।
बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के राज कुमार सिन्हा ने सरकार से पूछा है कि पांचवीं अनुसूची के क्षेत्रों में विकास परियोजना स्थापित करने से पहले विस्थापित ग्राम सभा से सहमति के बिना प्रक्रिया क्यों और कैसे आगे बढ़ाया जा रहा है। नवीकरणीय ऊर्जा विभाग भोपाल ने तो कम्पनी को आबंटन पत्र जारी कर दिया है। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण बरगी जलाशय से क्षेत्रीय किसानों को सिंचाई के लिए पानी देने से पीछे हट रहा है। परन्तु पम्प स्टोरेज परियोजनाओं को स्वीकृति देने में आगे हो जाती है। बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ ने सरकार से मांग किया है कि बरगी जलाशय से लिफ्ट सिंचाई की वर्षों से लंबित मांग को लेकर क्षेत्रीय किसानों संवाद करने के बाद ही पम्प स्टोरेज हाइड्रो प्रोजेक्ट को मंजूरी दी जाए।
राज कुमार सिन्हा
बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ