ग्राम पंचायत चाबी बीस दिनों से बंद पंचायत भवन में लगा ताला

रेवांचल टाइम्स मंडला स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पंचायत भवन में उपसरपंच के बीच हुए विवाद के बाद सरपंच–सचिव द्वारा पंचायत कार्यालय में ताला लगा दिया गया।
विकासखंड मोहगांव की ग्राम पंचायत चाबी में पिछले बीस दिनों से ताला लगा है जिसके कारण ग्रामीणों के साथ साथ स्कूली बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है
इस कदम ने ग्रामीणों की रोजमर्रा की समस्याओं को और गहरा कर दिया है।जैसे जन्म प्रमाणपत्र,मृत्यु प्रमाण पत्र,शासकीय योजनाओं के आवेदन,
मनरेगा जॉब कार्ड,पेन्शन प्रक्रियाएँ,
स्वच्छ भारत और आवास योजनाओं से जुड़े काम जैसे महत्वपूर्ण कार्य रुक गए हैं।ग्रामीणों ने बताया कि स्कूली बच्चे जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पंचायत पहुँचते हैं, लेकिन ताला लगा होने के कारण खाली हाथ लौटना पड़ता है।लोगों में नाराज़गी इस बात को लेकर भी बढ़ रही है कि ग्राम पंचायत जनता की संस्था है, न कि किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति, लेकिन इसके बावजूद इसे निजी विवाद के कारण बंद रखा जा रहा है। वाद–विवाद की वजह से लगा ताला?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले पंचायत में उपसरपंच और ग्रामीणों के बीच विवाद हुआ था। विवाद के बाद सचिव और सरपंच उपसरपंच की ओर से पंचायत भवन को ताला लगाकर बंद कर दिया गया।
सूत्र बताते हैं कि संबंधित पक्षों का कहना है कि जब तक विवाद करने वाले व्यक्ति पर कार्यवाही नहीं होगी, तब तक पंचायत बंद ही रहेगी।
यह स्थिति स्थानीय शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर निजी विवाद के चलते पंचायत को बंद किया जा सकता है, तो शासन व्यवस्था का क्या अर्थ रह जाता है क्या शासकीय कार्यालय पर कोई भी ताला लगा सकता है
सरकारी नियमों के अनुसार कोई भी शासकीय कार्यालय, चाहे वह पंचायत हो, स्कूल हो या कोई अन्य सरकारी भवन, किसी भी व्यक्ति द्वारा निजी कारणों से बंद नहीं किया जा सकता।
पंचायत भवन पर ताला लगाने का अधिकार केवल मान्य कारणों के तहत और उच्च प्रशासनिक स्वीकृति के बाद ही होता है।इस प्रकार मनमाने तरीके से ताला लगाना शासन के कार्य में बाधा डालने की श्रेणी में आता है, जो दंडनीय है।शासन कार्य में बाधा डालने के आरोप में अनुशासनात्मक कार्यवाही सचिव का स्थानांतरण या निलंबन सरपंच के खिलाफ जांच एवं पद से हटाने की कार्यवाही ज़रूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है पंचायत के बंद होने से प्रधानमंत्री आवास, मनरेगा, पेंशन योजना, स्वच्छ भारत मिशन, लाडली बहना योजना, और अन्य योजनाओं का लाभ नही मिल पा रहा है पंचायत बंद रहने से ऐसा लग रहा है मानो पूरा गाँव प्रशासनिक रूप से ठप हो गया हो ग्रामीणों ने मांग की की पंचायत भवन तुरंत खोला जाए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए ग्राम पंचायत चाबी का लगभग बीस दिनों से बंद रहना ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। पंचायत एक लोकतांत्रिक संस्था है, जिसे चलाना सरपंच और सचिव का दायित्व है, बंद करना नहीं। निजी विवाद के कारण शासकीय सेवाओं को ठप कर देना सीधे तौर पर ग्रामीणों के अधिकारों का हनन है।अब ग्रामीण प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं ताकि पंचायत जल्द से जल्द खुले और विकास कार्य पुनः शुरू हो सकें।
इनका कहना
मेरी जानकारी में नही है कि पंचायत बीस दिनों से बंद है आज में गया था तो पंचायत खुली थी
कमल रंधावा
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद मोहगांव
सरपंच उपसरपंच के कहने पर पंचायत में ताला लगाया गया है सात तारीख़ से पंचायत भवन बंद था आज मैने दोपहर दो बजे पंचायत में लगा ताला खोल दिया गया है।
कृष्ण कुमार नंदा
सचिव ग्राम पंचायत चाबी