मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग, भोपाल, ने 05 मामलो में लिया संज्ञान”
रेवाँचल टाईम्स – मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय सदस्य डॉ. श्री अवधेश प्रताप सिंह ने विगत दिवसों के विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित प्रथम दृष्टया मानव अधिकार उल्लंघन के ’05 मामलों में” संज्ञान लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है।जिसमे 1 मामला मण्डला जिले के हैं। आयोग ने संबंधितों से जवाब मांगा है।
मण्डला -जिले के 1 मामला जो समाचार पत्रों मे प्रकाशित हुए थे जिसमें प्रथम दृष्टया मानव अधिकार का उल्लंघन है ऐसे मामले को संज्ञान मे लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है। इस बात की जानकारी म. प्र. मानव अधिकार आयोग-मित्र, शिकायत प्रकोष्ठ शाखा मण्डला के आयोग मित्र सावन सिंह ठाकुर ने दी है।
जर्जर स्कूल व पन्नी की कक्षा, छत तक नसीब नहीं, पांच साल से फर्श पर बैठकर पढ़ रहे बच्चे…..
मंडला जिले के वन ग्राम घोड़ाडीह बुजबुजिया में प्राइमरी स्कूल के आदिवासी बच्चों को जर्जर स्कूल होने के कारण पन्नी और लकड़ी से बनी अस्थायी झोपड़ी में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पिछले पांच वर्षों से कक्षा संचालन के लिये न तो सुरक्षित भवन है, न ही बुनियादी सुविधाएं। इस कारण बच्चों को सही से शिक्षा नहीं मिल पा रही है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी, मंडला से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन दो सप्ताह में मांगा है।