सौंसर विधायक विजय चौरे पर ‘स्वेच्छा अनुदान’ राशि में घोर अनियमितता का आरोप, आदिवासी समाज में भारी आक्रोश
युवा आदिवासी नेताओं ने सौंपा ज्ञापन, विधायक की सदस्यता रद्द करने की माँग
रेवांचल टाइम्स पांढुरना|पांढुरना जिले के सौंसर में वर्तमान कांग्रेस विधायक विजय चौरे के सात साल के कार्यकाल में स्वेच्छा अनुदान की राशि के वितरण में गंभीर अनियमितताओं और आदिवासी समाज के साथ भेदभाव किए जाने का बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले ने क्षेत्र की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
आदिवासी समाज के शोषित और वंचित लोगों के उत्थान के लिए शासन द्वारा विधायक को आवंटित की जाने वाली यह महत्वपूर्ण राशि क्षेत्र के गरीब आदिवासी बंधुओं को न देकर, विधायक ने कथित तौर पर अपने चहेते और आर्थिक रूप से संपन्न गैर-आदिवासी लोगों को वितरित कर दी है।
लाखों की राशि अमीरों के खाते में?
युवा आदिवासी नेता नामदेव इवनाती एवं उनके सहयोगियों ने आज सौसर के एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोप है कि लाखों रुपए की यह राशि हार्डवेयर, किराना, इनकम टैक्स मोबाइल शॉप, लोहा-सीमेंट के दुकानदारों के खातों में डाली गई है। इतना ही नहीं, ज्ञापन में यह भी दावा किया गया है कि महाराष्ट्र के कुछ लोगों के खातों में भी यह राशि ट्रांसफर की गई, जो मूल रूप से सौंसर क्षेत्र के वंचित आदिवासियों को मिलनी चाहिए थी। विधायक के निजी सहायक के खाते में भी लाखों रुपए डालने का आरोप लगाया गया है।
ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि विधायक विजय चौरे ने स्वेच्छा अनुदान की राशि का दुरुपयोग और दोहन करते हुए, गरीबों और वंचितों को मिलने वाली करोड़ों रुपए की राशि से उन्हें वंचित रखा और अपने खास अमीर लोगों को लाभ पहुँचाया।
*विधायक की सदस्यता रद्द करने की माँग*
आदिवासी समाज इस गंभीर भेदभाव और आर्थिक दोहन से आक्रोशित है। युवा आदिवासी नेता नामदेव इवनाती के नेतृत्व में सैकड़ों आदिवासियों ने आज सौसर एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर विधायक विजय चौरे की सदस्यता तत्काल निरस्त करने की माँग की है।
ज्ञापन सौंपते समय मुख्य रूप से संजय बागडे, अंकुश उइके, ईश्वर बागडे, वंदना इवनाती, जंगल सिंह धुर्वे, यशवंत धुर्वे, विश्वेश्वर बागडे, दशरथ किरणके, उमेश पगार, राजाराम बोसम, जानीराम वटके, उमा रिधोरे, शंकर सिरसाम, राकेश मसराम एवं सैकड़ों की संख्या में आदिवासी बंधु और समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
यह मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है, और आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि शासन और पार्टी स्तर पर विधायक विजय चौरे के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।