प्राथमिक शाला चौंसर में गंदगी का अंबार, मध्याह्न भोजन के समय बच्चे लावारिस! शिक्षक का जवाब: ‘शिकायत करनी हो, कर दो
शिक्षा के मंदिर में अव्यवस्था और लापरवाही का बोलबाला
जितेन्द्र अलबेला
रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा|शासकीय प्राथमिक शाला चौंसर (जन शिक्षा केंद्र नेर, संकुल केंद्र सारना, विकासखंड छिंदवाड़ा) में शिक्षा के नाम पर घोर लापरवाही और गंदगी का आलम देखने को मिला है। यह स्कूल, जिसे ज्ञान का मंदिर कहा जाता है, स्वयं बदहाली की कहानी बयां कर रहा है। स्कूल के दोनों कक्षाओं में गंदगी का अंबार है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। शिक्षा के दूषित वातावरण में बच्चों को ज्ञान के बजाय बीमारियों का तोहफा लेकर घर जाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
बताया जाता है की मध्याह्न भोजन में बच्चे अकेले, शिक्षक नदारद
स्कूल में सबसे बड़ी चौंकाने वाली स्थिति मध्याह्न भोजन की छुट्टी के समय सामने आई। जब संवाददाता स्कूल पहुंचे, तो सभी बच्चे कक्षाओं में अकेले और लावारिस मिले। बच्चों से पूछने पर उन्होंने बताया कि उनके शिक्षक खाना खाने के लिए घर गए हैं। यह एक गंभीर प्रश्न खड़ा करता है कि छोटे बच्चों को स्कूल में किसके भरोसे छोड़कर शिक्षक निजी काम से स्कूल परिसर से बाहर चले गए? क्या बच्चों की सुरक्षा और देखरेख की जिम्मेदारी शिक्षकों की नहीं है?
शिक्षक का अहंकार या विश्वास?
जब इस संबंध में स्कूल के शिक्षक कन्हैया लाल डेहरिया से संपर्क किया गया, तो उनका जवाब अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना और चौंकाने वाला था। शिक्षक ने कहा, “हम अपने हिसाब से स्कूल चलाते हैं। आपको जहां शिकायत करनी हो, आप कर सकते हैं। सभी अधिकारी मुझे जानते हैं।” शिक्षक का यह बयान उनकी जवाबदेही से बचने का अहंकार प्रदर्शित करता है या उन्हें उच्चाधिकारियों के संरक्षण का अति-विश्वास है, यह जांच का विषय है। ज़ब इस संबंध में बी आर सी अजय से चर्चा की गई तो उन्होंने जांच का आश्वासन दिया l
निर्वाचन ड्यूटी की आड़ में लापरवाही?
शिक्षक डेहरिया ने अपनी सफाई में बताया कि स्कूल में दो शिक्षक हैं, जिनमें से एक की ड्यूटी निर्वाचन कार्य में लगी हुई है और वह अकेले स्कूल चला रहे हैं। यह बात तर्कसंगत हो सकती है, लेकिन जब एक शिक्षक अनुपस्थित है, तो दूसरे शिक्षक की उपस्थिति और जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में, बच्चों को बेसहारा छोड़कर लंच के लिए घर चले जाना उनकी घोर लापरवाही को दर्शाता है।
*प्रमुख सवाल*
गंदगी: बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रही स्कूल की गंदगी को साफ क्यों नहीं कराया गया? इसके लिए कौन जिम्मेदार है?
सुरक्षा: मध्याह्न भोजन अवकाश के दौरान बच्चों को अकेला छोड़कर जाने वाले शिक्षक पर क्या कार्रवाई होगी? बच्चों की सुरक्षा के लिए कौन जवाबदेह होगा?
जवाबदेही: शिक्षक कन्हैया लाल डेहरिया के गैर-जिम्मेदाराना बयान पर शिक्षा विभाग क्या रुख अपनाएगा?
यह घटना शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त लापरवाही और जवाबदेही की कमी को उजागर करती है, जिस पर उच्चाधिकारियों को तत्काल संज्ञान लेकर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।