जनजातीय बच्चों की सुरक्षा की आड़ में वसूली: अग्निशमन यंत्र घोटाले में सहायक आयुक्त का नाम उभरा
रेवांचल टाईम्स|सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विकास विभाग डिंडौरी में पदस्थ संतोष शुक्ला का एक नया कारनामा जहाँ एक तरफ डिंडोरी जिले में संचालित स्कूलों और छात्रावासो में अध्ययनरत छात्र छात्राओं की सुरक्षा की दृष्टि से निशुल्क अग्नि शामक यंत्र बाटे गए थे और जिसकी जानकारी डिंडौरी कलेक्टर नेहा मारव्या को भी की सभी अग्निशमन यंत्र निःशुल्क देने है, डिंडौरी जिले के अधीक्षक ने हुए भ्रष्टाचार पर नाम न छापने की शर्त में निःशुल्क के पीछे अबैध वसूली का पूरा खेल बतलाया यहाँ की किस कदर सहायक आयुक्त डिंडोरी सन्तोष शुक्ला को दो चेहरे है और सामने कुछ और फिर उनका दूसरा रंग कुछ है, जिस पद पर वह बैठे है जहाँ पर उनके अधीनस्थ शिक्षकों का जीना दूभर हो चुका है अपनी गाथा न किसी को बता सकते है और न ही कुछ कर सकते है नोकरी करना है तो बच्चों के हिस्सों से भी हिस्सा देना पड़ रहा है न ऊपर तक पकड़ रखे ने वाले रसूखदार और बड़े बड़े नेताओं मंत्री का संरक्षण प्राप्त है। भ्रस्टो ने यहाँ भी छात्रावासो के अधीक्षको निशुल्क बताया और उन्हें दिया भी और रजिस्टर में अधीक्षकों से निशुल्क प्राप्त की यह हस्ताक्षर भी करवा लिए फिर खेल शुरू भ्रस्टाचार का अचानक से रीवा से एक शुक्ला का फोन सभी अधीक्षकों के पास जाता है और जो निःशुल्क अग्निशमन यंत्र के बदले में बाईस बाईस हजार रुपये माँग आने लगी और फिर सन्तोष शुक्ला के दबाब में दबंगो ने सभी से बाईस बाईस हजार रुपये वसूले