बिछिया जनपद के खटोला ग्राम पंचायत का अजब -गजब कारनामा फर्जी बिल लगा कर निकाल रहे राशि

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रेवाँचल टाईम्स – मंडला, जिले की जनपद पंचायत भुआ बिछिया की ग्राम पंचायतों का बुरा हाल है और ज़िम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से भाग तरह तरह के बहाने बना कर सरकारी खजानों को लूटने वाले सरपंच सचिव रोज़गार सहायक और उपयंत्रियों जो गबन कर लोगों मिलने वाली योजनाओं में भ्रष्टाचार कर अपनी जेबे भरने वाले भ्रष्टाचारीयो के कारनामों पर जाच का पर्दा डाल कर उन्हें बचाते नज़र आते है और ग्राम पंचायत में लूट मची हुई है!
वही ग्राम पंचायत में सरपंच सचिव के भ्रष्टाचार के चर्चे खुलेआम सुर्खियां बटोर रहे हैं ग्राम पंचायत में खुलेआम धड़ल्ले बिना जीएसटी के लाखों के बिल और मटेरियल सप्लायर की दुकान न होने के बावजूद भी लाखों के बिल लगाए जाते हैं जिसको लेकर लगातार मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ है और टीवी चैनल के माध्यम से शासन प्रशासन को अगवत कराया जाता है फिर भी जनपद से लेकर जिला पंचायत में बैठे जिम्मेदारों के कानो में जू तक नहीं रेंग रही हैं और आख़िर जिला प्रशासन कुंभकरण की नींद से कब जागेगा कब तक होगी भ्रष्टों पर जाच की कार्यवाही या फिर यू ही गरीबों हक छीनने वाले रसूखदार मालामाल होते रहेंगे और ग़रीब और ग़रीब!
वही सूत्रो से जानकारी के अनुसार ऐसे ही मामला मंडला जिले के जनपद पंचायत बिछिया के ग्राम पंचायत खटोला मैं देखने को मिला जा सरपंच सचिव रोज़गार सहायक और उपयत्री की चौकड़ी बिना कार्य और बिना जीएसटी के लाखों के बिल लगाए जाते हैं भुगतान किया जाता है और पंचायत से बिछिया बाजार की दूरी 8 किलोमीटर दूर है और बाजार में पूर्ण रूप से मटेरियल उपलब्ध है फिर भी खटोला पंचायत के द्वारा बिछिया मुख्यालय छोड़ दूर दराज में बैठे अपने रिश्ते नाते दारो के नाम पर बिल बुक बनवाकर धड़ल्ले से पंचायत दर्पण में बिल अपलोड कर शासकीय राशि का आहरण कर रहें आख़िर जहाँ है निगरानी एजंसिया जो मुख्यालय छोड़ गांव खेड़े से मटेरियल के लगाए जा रहें है वही जानकारी के अनुसार मटेरियल अंजनिया और गांव मांद के झिगराघाट के सप्लायर के 40 से 50 किलोमीटर दूरी की दुकानें के बिल लगा कर भुगतान किया गया है जो संदेह के घेरे में जाता है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जो दुकानदारों के द्वारा जो बिल दिए जाते हैं वह मटेरियल दुकानों पर उपलब्ध नहीं होता फिर भी अपनी कमीशन के चक्कर में सरपंच सचिव को फर्जी बिल दिए जाते हैं जो जांच का विषय है जब इसके बारे में पत्रकारों के द्वारा ग्राम पंचायत खटोला के सचिव
आनंद मनोहर पटेल जानकारी ली गई तो उसने एक ऐसा अनोखा खुलासा किया जिसको सुनकर आप हैरान हो जाओगे सचिव ने बताया कि मटेरियल सप्लायरों के पास जीएसटी नंबर नहीं है जिसके कारण से सप्लायर दूसरी दुकानों से जीएसटी दुकानों का बिल हमें देते हैं और हमारे द्वारा भुगतान किया जाता है, बिछिया में सप्लायरों के द्वारा हमें उधारी मटेरियल नहीं दिया जाता जिसकी वजह से हमें बाहर से मटेरियल खरीदना पड़ रहा है। सचिन के दिए गए वाइड में साफ जाहिर होता है कि मटेरियल सप्लायर कोई और रहता है और बिल मालिक कोई और रहता है।
पत्रकारों के द्वारा सीईओ को आवेदन देकर की गई कार्रवाई की मांग*

जिसको लेकर अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति बिछिया के द्वारा लिखित आवेदन देकर ग्राम पंचायत खटोला के सरपंच सचिव के द्वारा लगाए गए बिल और बिल मलिक की दुकानों सहित मटेरियल स्टॉक रजिस्टर एवं रेत रियलिटी मुर्रम खदान परमिशन की जांच करने के लिए मुख्य कार्यपालन जनपद पंचायत बिछिया को आवेदन सौंपकर करवाई की मांग की हे अब देखना यहां होगा कि मुख्य अधिकारियों के द्वारा कार्रवाई की जाती है या अपना हिस्सा बंदरबाट कर आवेदन को कचरे के डिब्बे में डाला जाता है

इनका कहना है
आनंद मनोहर पटेल सचिव खटोला-
मटेरियल सप्लायरों के पास जीएसटी नंबर नहीं है जिसके कारण से सप्लायर जीएसटी वाली दुकानों का बिल हमें देते हैं और भुगतान किया जाता है बिछिया में सप्लायरों के द्वारा हमें उधारी मटेरियल नहीं दिया जाता जिसकी वजह से हमें बाहर से मटेरियल खरीदना पड़ रहा है

इनका कहना है कि
यह जानकारी आपके माध्यम से मुझे प्राप्त हुई है इसके लिए टीम का गठन किया जाएगा और जांच की जाएगी जो दोषी पाया जाएगा उस पर कार्रवाई की जावेगी।
रमेश मांडवी
मुख्य कार्यपालन अधिकारी
जनपद पंचायत बिछिया मंडला

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