पीएम आवास में घोटाला! सेमरखापा पंचायत पर फर्जी भुगतान कर धोखाधड़ी का आरोप
ग्राम पंचायत सेमरखापा की लापरवाहियों को संरक्षण
पीएम आवास बेचने बाद फर्जी भुगतान का मामला सामने आया
रेवाँचल टाईम्स – मण्डला, जिला मुख्यालय की जनपद पंचायत मण्डला अंतर्गत ग्राम पंचायत सेमरखापा में सरपंच-सचिव-उपसरपंच एवं पंचों की लापरवाही एवं अनियमिताएं दिनों-दिन बढ़ती जा रही है, जिसका मुख्य कारण जिम्मेदार आला-अधिकारियों द्वारा दिया जा रहा दोषियों को संरक्षण है नतीजा ग्राम पंचायत सेमरखापा में बैठे जिम्मेदारों ने ग्राम पंचायत को अपनी पुस्तैनी बखौती बना लिया है।
फर्जी बिल-बाऊचर लगाकर किया भुगतान
ग्राम पंचायत सेमरखापा में पीएम आवास बेचने का मामला जहां तेजी से वायरल हो रहा है वहीं देवा ट्रेडर्स नामक फर्म पर फर्जी कोटेशन एवं बिल-बाऊचर लगाकर लगभग लाखों रुपए का भुगतान कर दिया गया, मामले को लेकर पंचायत सचिव मुकेश साहु से बगैर निविदा, कोटेशन एवं फर्जी बिल-बाऊचर लगाकर भुगतान करने के मामले की जानकारी मांगी गई तो सचिव मुकेश साहु स्वयं को मामले की जानकारी नहीं होने की बात कहकर किए गए लापरवाहियों एवं अनियमिताएं छुपाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं सरपंच सुनील भारतीया भी सचिव के इस कारनामे से नाराज़ होते दिखाई दिए, इसके पहले भी पीएम आवास बेचने के मामले पर सरपंच सुनील भारतीया द्वारा मामले की तह तक जांच करने एवं दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही को लेकर विभाग से संबंधित आला-अधिकारियों को पंचायत द्वारा पत्र जारी कर सूचना दी गई है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।
सचिव की शिकायतों को लेकर अन्य पंचायत के मामले सामने आए
सचिव मुकेश साहु इसके पूर्व में ग्राम पंचायत इमलीगोहान में पदस्थ थे जहां के पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों ने बताया कि सचिव मुकेश साहु द्वारा हमारे पंचायत में भी लापरवाही तथा अनियमितता बरती जा रही थी जिसके चलते जनपद, कलेक्टर एवं अन्य आला-अधिकारियों से सचिव मुकेश साहु को हटाने की मांग की गई, बावजूद इसके अभी भी हमारे ग्राम पंचायत में बहुत से निर्माण कार्यों में की गई लापरवाहियों का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। सचिव मुकेश साहु के कार्यकाल दौरान ग्राम पंचायत इमलीगोहान में किए गए निर्माण कार्यों में किए गए भ्रष्टाचारी तथा लापरवाहियों से ग्राम की आवंटित राशि का दुरुपयोग किया गया तथा गांव के विकास का खुलेआम जुआं खेला गया। उक्त समस्त मामले का खुलासा जिम्मेदारों के समक्ष एक साथ किया जाएगा।
बगैर एनओसी के पेड़ काटकर किया गया निर्माण कार्य
वही ग्राम पंचायत सेमरखापा में चल रहे ग्राम पंचायत भवन निर्माण कार्य को लेकर पंचायत एवं संबंधित विभाग द्वारा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम तहत कोई एन ओ सी नहीं लिया गया और हरे-भरे वृक्षों को खुलेआम काट दिया गया जिसकी फोटो-वीडियो ग्रामीणों द्वारा बनाई गई है। वहीं पंचायत के जनप्रतिनिधियों एवं शासकीय कर्मचारियों तथा जिम्मेदारों का कहना है कि पेड़ काटने के मामले की हमें कोई जानकारी नहीं है। मामले को लेकर सरपंच सुनील भारतीया से एन ओ सी एवं पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के विरुद्ध की गई इस अपराध की जानकारी चाहने पर उन्होंने स्पष्ट यह कह दिया कि ग्राम पंचायत में लगे हुए वृक्ष कब और किसके सामने काट दिया गया मुझे मामले की कोई जानकारी नहीं है तथा मैं पेड़ कटने के दौरान मौका ए बारदात के समय उपस्थित नहीं था।
इनका कहना है—
01-ग्राम पंचायत में लगे हुए वृक्ष कब और किसके सामने काट दिया गया मुझे जानकारी नहीं है।
सुनील भारतीया
सरपंच ग्राम पंचायत सेमरखापा मंडला