हिंदुत्व की मशाल थामेंगे जितेन्द्र अलबेला! अखिल भारतीय हिंदू महासभा के प्रदेश सहसंयोजक नियुक्त

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एकता की मिसाल: युसूफ खान ने सबसे पहले दी जितेन्द्र अलबेला को बधाई

जितेन्द्र अलबेला बने हिंदू महासभा म.प्र. के प्रदेश सहसंयोजक, राष्ट्रीय नेतृत्व का जताया आभार

‘हिंदू समाज की सुरक्षा पहली प्राथमिकता’: जितेन्द्र अलबेला ने संभाली नई जिम्मेदारी

रेवांचल टाइम्स​छिंदवाड़ा कलेक्टर बंगले के समीप निवासी, जितेन्द्र अलबेला को अखिल भारतीय हिंदू महासभा (ABHM) ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए मध्य प्रदेश का प्रदेश सहसंयोजक नियुक्त किया है। सनातन संस्कृति और पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सक्रियता के लिए जाने जाने वाले अलबेला की यह नियुक्ति, राज्य में संगठन की गतिविधियों को नई धार देगी।
​नवनियुक्त सहसंयोजक का संकल्प: गौ-सेवा और हिंदू राष्ट्र निर्माण
​पदभार ग्रहण करने के बाद जितेन्द्र अलबेला ने राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी विजय नारायण भट्ट और राष्ट्रीय नेतृत्व एडवोकेट अनिल शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी मुख्य प्राथमिकताएं हिंदू समाज के प्रति जागरूकता बढ़ाना, गौ-सेवा को बढ़ावा देना, और हिंदुओं पर होने वाले अत्याचारों के विरुद्ध आवाज़ बुलंद करना रहेगा।
​उन्होंने दृढ़ता से कहा, “मेरी पहली प्राथमिकता हिंदू समाज की सुरक्षा और सम्मान होगी। अपने मध्य प्रदेश में सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करना मेरा दायित्व है। मैं हर भाई को विश्वास के साथ संगठन में मज़बूत होकर काम करने के लिए प्रेरित करूंगा।”
​लक्ष्यों की लंबी सूची
​अलबेला ने गौरक्षा, धर्म रक्षा, भगवा समाज सेवा, हिंदू राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रीय एकता, भारत माता की सेवा, स्वदेशी भारत आत्म निर्भर, और ‘हर घर रोज़गार अभियान’ के लक्ष्य को पूरा करने का संकल्प लिया है।
​इससे पूर्व भी जितेन्द्र अलबेला सनातन संस्कृति की मजबूती के लिए कार्य कर रहे थे और पत्रकारिता के क्षेत्र में समाज के उत्थान के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि वह इस नई जिम्मेदारी को भी सभी के सहयोग से पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करेंगे।
​बधाइयों का सिलसिला
​जितेन्द्र अलबेला की इस नियुक्ति पर सबसे पहले बधाई युसूफ खान की ओर से आई, जो राष्ट्रीय एकता की एक मिसाल बनी। इसके बाद मथुरा, आगरा, महाराष्ट्र मुंबई, राजस्थान से सामाजिक संगठनों, राजनेताओं, पत्रकार बंधुओं, डॉक्टरों, विधायकों, और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। यह व्यापक समर्थन दिखाता है कि अलबेला को सभी वर्गों से सम्मान प्राप्त है।

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