कोटा से KEDL बिजली कंपनी को हटाने हिम्मत सिंह ने कोटा कलेक्टर को सौंपे पुख्ता सबूत सरकार इन्हें देख हटाने के दे सकती है आदेश

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दैनिक रेवांचल टाइम्स – कोटा, 11 दिसंबर 2025 राजस्थान बिजली उपभोक्ता संरक्षण समिति के संयोजक हिम्मत सिंह, जो पिछले 20 वर्षों से उपभोक्ताओं के हितों के लिए सक्रिय हैं, ने आज कोटा कलेक्टर पीयूष समारिया से मुलाकात कर KEDL (Kota Electricity Distribution Limited) कंपनी में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के पुख्ता सबूत प्रस्तुत किए।
दोपहर 12 बजे हुई इस बैठक में हिम्मत सिंह ने ज्ञापन सौंपकर कंपनी को हटाने की तत्काल कार्रवाई की मांग की ।
ज्ञापन में हिम्मत सिंह ने KEDL के कार्यकाल के दौरान सामने आई 14 प्रमुख अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामले उजागर किए ।

उन्होंने बताया कि पूर्व में मुख्यमंत्री, CMD आरती डोगरा और ऊर्जा मंत्री को भी इस संबंध में शिकायत दी जा चुकी है, जिस पर जांच के लिए कमिटी भी बनाई गई है ।

जांच कमिटी बनाई है सब सरकारी बिजली विभाग के लोग है निष्पक्ष कारवाही करनी हो तो समाजसेवी हिम्मत सिंह को कमिटी में ले सरकार जांच में निःशुल्क सेवा देने को है तैयार ।

ज्ञापन में यह स्पष्ट किया गया कि प्राइवेट कंपनी से किए गए टेंडर एग्रीमेंट में शर्तों के उल्लंघन पर सरकार टर्मिनेट कर सकती है ।

हिम्मत सिंह ने यह भी कहा कि पूर्व सरकार ने एवं वर्तमान ऊर्जा मंत्रियों द्वारा कई भ्रष्टाचार की घटनाओं पर कमिटी बनाई गई और जांच कराई भ्रष्टाचार उजगार हुआ लेकिन कारवाही नहीं , इसलिए सरकार स्वतंत्र रूप से KEDL कंपनी को हटाने के लिए कार्रवाई कर सभी क्षेत्रों में पुनः जेवीवीएनएल की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।

ज्ञापन सौंपने के दौरान कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं और समाजसेवियों की मौजूदगी रही। इसमें अधिवक्ता आशीष भारद्वाज, साजिद कुरैशी, पुलकित मेघवाल, विशाल सिंह, देवेंद्र सिंह हाडा, मुजाहिद हुसैन मिंटू, राजा वारसी, नरेंद्र गुर्जर, आदित्य जादौन, आशुतोष सिंह, आशीष मिश्रा, जितेंद्र सिंह पंवार, कुलदीप सिंह, ओमकार हाडा, सहदेव सिंह सहित अन्य प्रमुख समाजसेवी शामिल थे।

आज इस ज्ञापन सबूतों कलेक्टर से की गई मुलाकात ने स्थानीय और राज्य स्तर पर बिजली वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के मुद्दे को एक बार फिर जोरदार रूप से सामने ला दिया है।

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