राजस्व विभाग में ‘सीएम हेल्पलाइन’ का खुला खेल

शिकायतों का न निराकरण—सीधे ओटीपी लेकर कर रहे बंद

भ्रष्टाचार के खिलाफ उठी उच्च स्तरीय जांच की मांग

 

रेवाँचल टाईम्स – मंडला, जिले में जनसमस्याओं का अंबार लगातार बढ़ता जा रहा है, पर समाधान देने में प्रशासनिक तंत्र की विफलता अब जनता के सब्र को तोड़ रही है। जनसुनवाई हो या सीएम हेल्पलाइन—दोनों ही मंच अब जनता के लिए राहत कम और औपचारिकता ज्यादा साबित हो रहे हैं।

 

सबसे चिंताजनक हालात राजस्व विभाग, नैनपुर में सामने आ रहे हैं, जहाँ शिकायतों के वास्तविक निराकरण की बजाय गोलमाल का सिस्टम खुलेआम चलाया जा रहा है।

 

ओटीपी लेकर शिकायत बंद—निराकरण ‘शून्य’

 

स्थानीय सूत्रों और शिकायतकर्ताओं के अनुसार विभाग के कर्मचारी समस्या का समाधान करने की जगह शिकायतकर्ताओं को फोन करते हैं

उनसे “अगली बार आपकी समस्या जरूर हल कर देंगे” जैसे आश्वासन देकर

 

सीधे शिकायत का ओटीपी मांग लेते हैं

और उसी ओटीपी का उपयोग कर शिकायत को ‘समाधान’ दिखाकर बंद कर देते हैं!

यह खेल कई बार लगातार दोहराया जा रहा है, जिसके कारण वास्तविक समस्याएँ जस की तस बनी हुई हैं, जबकि कागज़ों में निराकरण दिखाकर विभाग अपनी पीठ थपथपा रहा है।

 

साल भर की शिकायतें—सत्यापन हो तो खुलेंगे राज वर्ष 2025 में दर्ज सभी शिकायतों का यदि भौतिक सत्यापन कराया जाए,

तो सच्चाई पूरी तरह उजागर हो जाएगी।

जनता का आरोप है कि—

अधिकांश शिकायतों का कोई वास्तविक समाधान नहीं हुआ

विभाग सिर्फ ओटीपी बंदरबांट तंत्र के सहारे अंक जुटा रहा है

 

जनता की मांग—उच्च स्तरीय जांच व कठोर दंड

नागरिकों ने स्पष्ट मांग उठाई है कि—

 

पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए शिकायतों का जमीनी सत्यापन अनिवार्य किया जाए

और जिन अधिकारियों-कर्मचारियों ने शिकायतों को फर्जी तरीके से बंद किया है,

उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई तय की जाए

जिले में बढ़ते जन आक्रोश के बीच यह मामला अब बड़ा रूप लेता दिख रहा है।

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