सिस्टम की भेंट चढ़ा आउटसोर्स कर्मचारी वेतन की मांग पर मिलीं धमकियां, सब-स्टेशन में ही झूला फांसी पर
रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा|लालू पिपरिया बिजली विभाग (MPEB) में आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में कार्यरत अभिलाष सूर्यवंशी की मौत ने विभाग के भीतर चल रहे ‘शोषण के खेल’ को उजागर कर दिया है। लालू पिपरिया सब-स्टेशन पर अभिलाष का शव फंदे से लटका मिलने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। परिजनों और कर्मचारी संगठनों का सीधा आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना के चलते की गई ‘व्यवस्थागत हत्या’ है।
*धमकियों के साये में काम कर रहे कर्मचारी*
मृतक अभिलाष ब्रिक्स कंपनी) पुणे के माध्यम से 2022 से कार्यरत था।
जिसका नाम बदलकर ‘स्मार्ट प्राइवेट लिमिटेड’ पुणे हो गया है, चर्चा है कि पिछले लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण वह भारी आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। आरोप है कि जब भी कर्मचारी वेतन मांगते हैं, तो ठेकेदार और अधिकारी उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी देते हैं।
*मोर्चा ने खोला मोर्चा* *’10 लाख मुआवजा और नौकरी दे सरकार’*
ऑल डिपार्टमेंट आउटसोर्स कर्मचारी मोर्चा के अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने कहा कि आउटसोर्सिंग कंपनियों की तानाशाही जानलेवा साबित हो रही है। संगठन ने प्रशासन के सामने तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं
मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता।
परिवार के एक सदस्य को तत्काल सरकारी नौकरी।
शोषण करने वाली कंपनी और दोषी अधिकारियों पर FIR दर्ज हो।