पवई के वार्ड 5 में मौत की सड़क: दो साल से टूटी पड़ी सड़क पर बहता गंदा पानी, हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?

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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क 2 साल में ही जर्जर

नल-जल योजना की टूटी पाइप लाइन से सड़क पर लगातार जलभराव

स्कूल, अस्पताल और हाट बाजार जाने वाला मुख्य रास्ता भी यही

संबंधित विभागों की घोर लापरवाही उजागर

दैनिक रेवांचल टाइम्स पवई पन्ना यह वही सड़क है जो पवई से मुरकुछु होते हुए सलेहा,सतना,और कल्दा होते हुए मैहर को जोड़ती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत लगभग 22.40 लाख की लागत से बनी इस सड़क की हालत महज़ दो साल में इतनी खराब हो चुकी है कि अब यह लोगों के लिए सुविधा नहीं बल्कि जान का खतरा बन गई है।

भयानक स्थिति का जायजा

1. चमरहा नाला के पास गहरी दरारें और कटाव
* रपटे के दोनों ओर सड़क कट चुकी है। दोनों किनारों पर करीब 7- 8 फीट गहरे खतरनाक गड्ढे हैं कोई भी सुरक्षा संकेत या बेरिकेडिंग नहीं लगी है।

2. फूटी हुई नल-जल पाइपलाइन से पानी का रिसाव जल लगातार बहता रहता है जिससे सड़क पर फिसलन बनी रहती है।
गंदे पानी से लोग भीगते हुए निकलते हैं।बच्चों और महिलाओं को खासकर खासी परेशानी होती है।

3. संकरी सड़क, ऊपर से पानी का जमाव एक तरफ गड्ढा, दूसरी तरफ बहता पानी।
वाहन चालकों के लिए यह मौत का बुलावा जैसा है।

 

निर्माण एजेंसी और प्रशासन की भूमिका पर सवाल

साइट पर लगे बोर्ड के अनुसार:

* निर्माण कार्य प्रारंभ: 21.09.2020
* पूर्णता तिथि: 15.03.2022
* ठेकेदार: केवटार द्वारा गारंटी दी गई – 5 वर्षों तक रखरखाव की

➡ सवाल उठता है कि फिर मरम्मत क्यों नहीं हुई?
➡ क्या ग्राम पंचायत और PMGSY विभाग ने कोई निरीक्षण किया?
क्या नल-जल योजना की खराब पाइप लाइन को मरम्मत करने का जिम्मा किसी ने उठाया?

कानूनी पहलू और नियमों का उल्लंघन प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना 5 वर्षों तक रखरखाव की शर्त का उल्लंघन

स्थानीय निवासियों की पीड़ा
“हर दिन बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं इस रास्ते से गुजरते हैं। बारिश में पानी भर जाता है, गड्ढे दिखते नहीं और बाइक फिसल जाती है।”
— स्थानीय नागरिक, वार्ड 5>

“नल-जल का पानी वहीं से बहता है, शिकायत करने पर कोई कर्मचारी नहीं आता।
— पास के मकान एवं दुकान संचालकों

जनता की मांगें

* नाले के दोनों तरफ पक्के किनारे बनाए जाएं।
* फूटे पाइप लाइन की तत्काल मरम्मत हो।
* गड्ढों को तत्काल भरा जाए और रपटे पर सुरक्षा रेलिंग लगे।
* दोषी ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों पर कार्रवाई हो।

वीडियो और फोटो साक्ष्य प्रशासन की आंखें खोलने के लिए काफी

रेवांचल टाइम्स को मिले वीडियो और ग्राउंड रिपोर्ट स्पष्ट दिखाते हैं कि सड़क की दुर्दशा जानलेवा स्तर तक पहुँच चुकी है। जनता अब केवल मरम्मत नहीं, बल्कि जवाबदेही और कार्रवाई की मांग कर रही है।

यह सवाल प्रशासन से

1. PMGSY की पांच साल की वारंटी में यह सड़क कैसे जर्जर हुई?
2. नल-जल की लीक पाइपलाइन को सुधारने में दो साल क्यों लगे?
3. सड़क पर बेरिकेडिंग, साइनेज क्यों नहीं लगाए गए?
4. किस अधिकारी ने इस सड़क का अंतिम निरीक्षण किया?

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