सीवरेज परियोजना पर महापौर के कड़े तेवर बिना पार्षदों की एनओसी (NOC) नहीं मिलेगा

*पूर्णता प्रमाणपत्र ​एक महीने में,संयुक्त जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश, लक्ष्मी कंस्ट्रक्शन को सुधार के लिए दिया अल्टीमेटम*

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रेवांचल टाइम्स ​छिंदवाड़ा|नगर पालिक निगम में बुधवार को महापौर विक्रम अहके की अध्यक्षता में हुई सीवरेज परियोजना की समीक्षा बैठक हंगामेदार और सख्त निर्णयों वाली रही। शहर में सीवरेज कार्य की सुस्त रफ्तार और खराब गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए महापौर ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक शहर के सभी 48 वार्डों के पार्षद संतुष्ट नहीं होंगे और लिखित सहमति नहीं देंगे, तब तक परियोजना का पूर्णता प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा।
*​संयुक्त टीम करेगी वार्डों का मुआयना*
बैठक में निर्णय लिया गया कि अब केवल कागजी रिपोर्ट पर भरोसा नहीं किया जाएगा। आगामी एक माह के भीतर संबंधित वार्ड पार्षद, इंजीनियर और दरोगा की संयुक्त टीम हर वार्ड में पाइपलाइन और कार्यों की बारीकी से जांच करेगी। इस जांच के आधार पर सुधार स्थलों की सूची तैयार की जाएगी, जिसे लक्ष्मी कंस्ट्रक्शन को तत्काल ठीक करना होगा।
*​महापौर के ‘सख्त’ निर्देश इन कार्यों में कोताही नहीं होगी बर्दाश्त*
बैठक में महापौर विक्रम अहके ने मुख्य रूप से पांच बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए
​पाइपलाइन का टकराव पेयजल पाइपलाइन के ऊपर बिछी सीवरेज लाइन को तत्काल हटाकर नीचे किया जाए।
​मैनहोल का स्तर सड़क के बीच बने मैनहोल के ढक्कन सड़क की सतह के बराबर किए जाएं ताकि दुर्घटना न हो।
​सड़क बहाली जहां भी खुदाई की गई है, वहां सड़कों का रेस्टोरेशन (सुधार) गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
​गड्ढों की मरम्मत चैंबरों के आसपास बने जानलेवा गड्ढों को तुरंत भरा जाए।
​जनसंवाद कंपनी के कर्मचारी जनता की समस्याओं को सुनें और उनका त्वरित समाधान करें।
*​देरी और बढ़ती लागत पर भी हुई चर्चा*
बैठक में सामने आया कि 2017 में शुरू हुई इस योजना को 2020 में पूरा होना था, लेकिन अब यह 2025 तक खींच गई है। भूमि विवाद और डिजाइन में बदलाव के कारण परियोजना की लागत भी 176.55 करोड़ से बढ़कर 195.10 करोड़ रुपये पहुंच गई है। महापौर ने दो टूक कहा कि जनता के पैसे का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं होगा।
​”जब तक एक-एक वार्ड पार्षद अपने क्षेत्र के काम से संतुष्ट नहीं होगा, तब तक हम प्रोजेक्ट को फाइनल नहीं मानेंगे। प्राथमिकता केवल आंकड़े नहीं, बल्कि जनता की सुविधा है।”
विक्रम अहके, महापौर
​बैठक में निगम अध्यक्ष सोनू मागो, आयुक्त सी.पी. राय, जलकार्य सभापति अरुणा मनोज कुशवाहा सहित विभिन्न वार्डों के पार्षद और एमपीयूडीसी (MPUDC) के अधिकारी मौजूद रहे।

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