पोर्टल पर अधूरी जानकारी बनी गड़बड़ी की जड़, पोस्टिंग में छल-प्रपंच का संदेह

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रेवांचल टाईम्स – मण्डला, आदिवासी जिले में नियम क़ानून सब ताक में रख कर कार्य किये जा रहे हैं, मध्यप्रदेश शासन द्वारा सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को ईएचआरएमएस पोर्टल पर विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की जानकारी समयसीमा में पूर्ण रूप से दर्ज करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। लेकिन कई विकासखंडों में इस निर्देश की अनदेखी की गई, जिससे अब शिक्षकों के स्थानांतरण और पदस्थापन प्रक्रिया में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

पोस्टिंग में हो रही भारी गड़बड़ी-

ईएचआरएमएस पोर्टल पर शिक्षकों की अद्यतन जानकारी उपलब्ध न होने के कारण भोपाल मुख्यालय से जारी स्थानांतरण आदेशों में उन पदों पर भी शिक्षकों की पोस्टिंग की जा रही है, जो पहले से भरे हुए हैं। इसके चलते कई विद्यालयों में एक ही विषय के दो से तीन शिक्षक तैनात किए जा रहे हैं, जबकि कुछ विद्यालय आज भी आवश्यक शिक्षकविहीन हैं।

एक ही विषय के तीन शिक्षक एक स्कूल मे-

जनजातीय कार्य विभाग, मंत्रालय भोपाल द्वारा 18 जून 2025 को जारी स्थानांतरण आदेश के अनुसार, श्रीमती प्रतिभा झारिया (विज्ञान शिक्षक) को एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय अचली, विकासखंड मण्डला से कन्या हाईस्कूल पुरवा में स्थानांतरित किया गया है। वहीं इसी पद के लिए सहायक आयुक्त, जनजाति कार्य विभाग मण्डला द्वारा श्रीमती संध्या पटेल को भी उसी विद्यालय में स्थानांतरित किया गया है, जबकि वहां पहले से ही विज्ञान शिक्षक बी.पी. नाग पदस्थ हैं। जानकारी अनुसार इनमें से एक शिक्षक ने ज्वाइन भी कर लिया है, जिससे अब इस विद्यालय में विज्ञान विषय के तीन शिक्षक हो जाएंगे।

हिन्दी शिक्षक की भी दोहरी नियुक्ति-

इसी प्रकार, मंत्रालय द्वारा जारी एक अन्य आदेश में महेन्द्र सिंह उइके, माध्यमिक शिक्षक (विषय हिन्दी) को हाई स्कूल (आई.टी.आई.), विकासखंड मण्डला में पदस्थ किया गया है, जबकि वहां पहले से ही हिन्दी विषय का शिक्षक कार्यरत है।

जिम्मेदार कौन?-

शिक्षा विभाग से जुड़े जानकारों का कहना है कि यदि विकासखंड स्तर पर पोर्टल की जानकारी समय रहते सही ढंग से अपडेट की जाती, तो ऐसी विसंगतियां नहीं उत्पन्न होतीं। जिले के अनेक विद्यालयों में ऐसी स्थिति देखी जा रही है, जिससे शिक्षकों में असंतोष और आक्रोश का माहौल बन रहा है।

शिक्षकों की मांग – हो त्वरित कार्रवाई-

शिक्षकों की मांग है कि जिला प्रशासन इस गंभीर विषय को शीघ्र संज्ञान में ले और संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए आवश्यक सुधारात्मक निर्देश जारी करे। अन्यथा आने वाले समय में विभाग को विरोध और आंदोलन का सामना करना पड़ सकता है।

इनका कहना है –
मेरे संज्ञान में आया है इस संबंध मे आयुक्त जनजाति कार्य विभाग भोपाल को जल्द पत्र लिखकर दिशा निर्देश लिया जायेगा।

बंदना गुप्ता
सहायक आयुक्त
जनजाति कार्य विभाग मण्डला

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