स्वर्ण जयंती का उल्लास: लोनावला में सोहनराज पार्वती रावल दंपती के 50 साल पूरे, गृहप्रवेश संग भव्य आयोजन
लोनावाला महाराष्ट्र ÷चंद्रकांत सी पूजारी
रेवांचल टाईम्स – महाराष्ट्र के लोनावला में रहनेवाले श्रीमान सोहनराजजी कपूरचंदजी रावल और उनकी धर्मपत्नी सौ. पार्वती सोहनराजजी रावल जो मूल राजस्थान के भुति गांव के है
हाल ही में उनके शादी को 50 साल पूर्ण हुए और इसी अवसर पर उनके नई वास्तु में गृहप्रवेश भी हुआ ओर इन्हीं द्विगुणित अवसरों को पूरे परिवार वालों ने “स्वर्ण जयंती महोत्सव”के तौर पर मनाया गया।
पहले दिन भजन संध्या का आयोजन किया गया, और दूसरे दिन सुबह राजस्थानी ढोल थाली के सुमधुर वादन के साथ बारात,पूजा तथा तुलादान का आयोजन किया गया ।रात्रि में सुनहरी शाम का आयोजन था जिसमें ऑर्केस्ट्रा तथा परिवार के सदस्यों ने नृत्य भी किया।
और पूरे परिवार और रिश्तेदारों ने गर्मजोशी के साथ इस अवसर को मनाया।
श्री सोहनराजजी और सौ.पार्वतीदेवी के जीवन के ५० साल का साथ ,शुरुवाती दिनों में बहुत ही कठिन था,उन्होंने अपने जीवन के ३५ साल किराए के १०*१० के सिंगल रूम में बिताए।जहां उन्हें भावना, प्रिया,हसमुख और चेतन ये चार संतानों का सुख प्राप्त हुआ।सोहनराजजी को व्यापार में धोखाधड़ी के कारण बहुत बड़ा नुकसान झेलना पड़ा था ,लेकिन पार्वतीदेवीजी ने सिलाई क्लास लिए तथा लोगों के कपड़े भी सिलाई किए ओर अपने पति के इस कठिन समय में उनकी सहायक बनी तथा बच्चों को अच्छे से पढ़ा लिखा कर कामयाब बनाया।भारत भर में उनके बेटो ने नाम कमाया।जब कोरोना काल चल रहा था उस समय सबसे पहली कोरोना टेस्टिंग कीट उनके पुत्र श्री.हसमुख सोहनराज जी रावल की कंपनी My Lab द्वारा ही बनाई गई थी , और इसी वजह से पूरे भारतवर्ष में उनके पुत्र ने मां बाप का ओर देश का नाम रोशन किया।
अपने मां बाप ने बच्चों को बड़ा करते वक्त कितनी समस्याएं झेली है इसका लिहाज बच्चों ने रखा और अपने माता पिता के खुशी के लिए जो भी कर सके वो करने के लिए दोनों पुत्र, पुत्रवधुएं,दोनों बेटियां,दामाद , नाती, पोता, पोतीयां सभी सदा तत्पर रहते है।
बहुत ही कठिनाइयों और परेशानियों से भरा उनका ये ५० साल का सफर आज खुशियों से भरा है तथा आगे ओर आगे भी उत्तम स्वास्थ्य और खुशियों से भरा रहे ओर उनकी ७५ वि शादी की सालगिरह का भी दिन जल्दी ही आए ऐसी ही कामना करते है।तथा ईश्वर सभी को उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करे यही प्रार्थना करते है।