ड्राई ज़ोन की खुलेआम धज्जियां!…डिंडोरी में फल-फूल रहा अवैध शराब का धंधा, कानून की कमजोरी बनी अपराधियों की ढाल
*दैनिक रेवांचल टाइम्स डिंडोरी | विशेष रिपोर्ट*
डिंडोरी जिले के घोषित ड्राई ज़ोन क्षेत्रों में शराबबंदी अब केवल कागज़ों तक सिमटती नजर आ रही है। ज़मीनी हकीकत यह है कि अवैध शराब की बिक्री और तस्करी खुलेआम चल रही है, और प्रशासनिक कार्रवाई इस पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि शराब माफिया को न तो कानून का डर है और न ही सजा का।
शराबबंदी पर सवाल, सामाजिक शांति पर संकट
ड्राई ज़ोन घोषित करने का उद्देश्य समाज को नशे से मुक्त करना और शांति बनाए रखना था, लेकिन कमजोर कानूनी प्रावधानों के चलते यह नीति अपने लक्ष्य से भटकती नजर आ रही है। अवैध शराब के कारण अपराध, घरेलू हिंसा और सामाजिक असंतुलन बढ़ने की आशंका लगातार गहराती जा रही है, खासकर ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में।
कानून की खामी ने बढ़ाए माफियाओं के हौसले
सिविल कोर्ट डिंडोरी के अधिवक्ता अभिनव कटारे ने इस पूरे मामले को गंभीरता से उठाते हुए मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश और जिला कलेक्टर डिंडोरी को एक अहम सुझावात्मक प्रस्ताव भेजा है। पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि मौजूदा कानून अवैध शराब कारोबारियों के लिए वरदान साबित हो रहा है।
एक बोतल भी अपराध नहीं? यही है असली समस्या
अधिवक्ता कटारे ने पत्र में उल्लेख किया है कि ड्राई ज़ोन घोषित क्षेत्र में यदि कोई व्यक्ति एक बोतल शराब का भी विक्रय या परिवहन करता है, तो उसके खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1) के तहत मामला दर्ज तो होता है, लेकिन यह अपराध जमानती होने के कारण आरोपी आसानी से बाहर आ जाते हैं।
यही वजह है कि शराब तस्कर बार-बार पकड़े जाने के बावजूद दोबारा उसी अवैध कारोबार में लौट आते हैं।
जमानती अपराध = अपराधियों को खुली छूट
अधिवक्ता अभिनव कटारे का कहना है कि जमानती धारा होने के कारण अपराधियों में कानून का कोई भय नहीं रह गया है। वे छोटी-छोटी खेपों में शराब की तस्करी करते हैं, ताकि पकड़े जाने पर भी उन्हें बड़ी सजा का सामना न करना पड़े। यह स्थिति ड्राई ज़ोन की अवधारणा को पूरी तरह खोखला कर रही है।
विशेष कानून की मांग, धारा 34(1) बने अजमानती
पत्र में मांग की गई है कि ड्राई ज़ोन क्षेत्रों के लिए विशेष कानूनी प्रावधान बनाए जाएं। इसके अंतर्गत धारा 34(1) को पूर्ण रूप से अजमानती घोषित किया जाए, ताकि अवैध शराब कारोबारियों में वास्तविक भय पैदा हो और वे इस धंधे से दूर रहें।
आर्थिक नेटवर्क पर वार जरूरी
अधिवक्ता कटारे ने केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अवैध शराब के आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने पर भी जोर दिया है। उन्होंने मांग की है कि तस्करी में इस्तेमाल होने वाले वाहन, नकदी और अन्य संसाधनों की तत्काल जब्ती की जाए और आदतन अपराधियों पर कड़ी निवारक कार्रवाई हो।
किसी वर्ग के खिलाफ नहीं, नीति को बचाने की लड़ाई
क्लोज़िंग में अधिवक्ता अभिनव कटारे ने स्पष्ट किया है कि यह पहल किसी व्यक्ति, समुदाय या वर्ग विशेष के खिलाफ नहीं है। यह लड़ाई ड्राई ज़ोन नीति को बचाने, समाज को नशे से मुक्त रखने और शासन की मंशा को वास्तविक रूप से ज़मीन पर उतारने की है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या शासन इस चेतावनी को गंभीरता से लेगा, या डिंडोरी का ड्राई ज़ोन यूँ ही अवैध शराब के हवाले होता रहेगा?