नए साल 2026 की शुभ शुरुआत: पहले दिन इन मंत्रों का जाप बदलेगा आपकी किस्मत
हर व्यक्ति नए साल का स्वागत नई उम्मीदों, सकारात्मक सोच और बेहतर भविष्य की कामना के साथ करता है। यही वजह है कि साल की शुरुआत अधिकतर लोग देवी-देवताओं के दर्शन, पूजा-पाठ और मंत्र जाप से करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नए साल के पहले दिन अगर श्रद्धा के साथ मंत्रों का जाप किया जाए, तो पूरे वर्ष जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है और कार्यों में सफलता मिलती है। ऐसे में New Year 2026 के पावन अवसर पर कुछ विशेष मंत्रों का जाप बेहद शुभ और लाभकारी माना गया है।
नए साल पर करें इन शुभ मंत्रों का जाप
1. भगवान शिव के मंत्र
नए साल के दिन प्रदोष व्रत भी है, जो भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। ऐसे शुभ संयोग में महादेव के मंत्रों का जाप करने से पूरे वर्ष उनकी कृपा बनी रहती है।
- ॐ नमः शिवाय
- ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
- ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
- कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥
2. भगवान गणेश के मंत्र
हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश के स्मरण से होती है। नए साल पर गणपति जी के मंत्रों का जाप करने से विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं।
- ॐ एकदन्ताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि। तन्नो दन्ती प्रचोदयात्॥
- ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि। तन्नो बुद्धिः प्रचोदयात्॥
- ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
- ॐ गं गणपतये नमः
- श्री गणेशाय नमः
3. भगवान विष्णु के मंत्र
साल 2026 का पहला दिन गुरुवार को पड़ रहा है, जो भगवान विष्णु को समर्पित होता है। ऐसे में श्रीहरि के मंत्रों का जाप करने से घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
- ॐ नमो नारायणाय
- ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
-
4. मां लक्ष्मी के मंत्र
नए साल पर मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करने से धन-धान्य और वैभव में वृद्धि होती है। मान्यता है कि इससे पूरे वर्ष आर्थिक संकट नहीं आता।
- ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
- ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुप्रियायै च धीमहि। तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥
- ॐ ह्रीं ह्रीं श्रीं श्रीं क्रीं क्रीं महालक्ष्मी स्वरूपिणी पूर्णे पूर्णे सिद्धये सिद्धये नमः
- ॐ विष्णुप्रियायै कमलासनायै नमः
- सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यंबके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
- ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मी नमः
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।)