वायरल वीडियो ने खोली जिंदल हॉस्पिटल की पोल?
मृतक के परिजनों से धक्का-मुक्की, मीडिया देखते ही बौखलाया संचालक।

दैनिक रेवांचल टाइम्स सिवनी- सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर यह प्रतीत हो रहा है कि जिंदल हॉस्पिटल के संचालक सुनील अग्रवाल का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि संचालक अंदर से निकलकर पहले मृत मरीज के परिजनों को धक्का देते हैं और खुद को हॉस्पिटल का मालिक बताते हुए अभद्र भाषा में कहते हैं— “मैं इस हॉस्पिटल का मालिक हूं, तू मेरी सुन”।
वीडियो में यह भी स्पष्ट है कि जैसे ही संचालक ने देखा कि पूरी घटना मीडिया द्वारा रिकॉर्ड की जा रही है, वैसे ही संचालक और उनके कर्मचारियों में अचानक न जाने कैसा “दर्द” उठ खड़ा हुआ। पत्रकार के कुछ पूछने या बोलने से पहले ही सनकी अंदाज़ में कैमरा बंद कराने की कोशिश शुरू कर दी गई।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि
– आख़िर वे ऐसा क्या छुपाना चाह रहे थे?
– कौन-सी सच्चाई कैमरे में कैद होने से डर लग रहा था?
– क्या मृतक के परिजनों द्वारा लगाए जा रहे आरोप सच के इतने करीब थे कि संचालक बौखला गए?
जानकार सूत्रों का कहना है कि जिंदल हॉस्पिटल का विवादों से पुराना नाता रहा है। पहले भी कई मामलों में कभी पैसे के दम पर, तो कभी राजनीतिक रसूख का फायदा उठाकर प्रकरणों को रफा-दफा किया गया। आरोप यह भी हैं कि दबंगई दिखाकर कमजोर ग्रामीणों को डराया-धमकाया गया, गरीब मरीजों से मोटी रकम वसूली गई और शिकायत करने वालों को राजनीतिक दबाव व गुंडागर्दी के जरिए चुप कराया गया।
सूत्र बताते हैं कि इस बार मामला इसलिए बिगड़ गया क्योंकि मीडिया मौके पर मौजूद थी और सारी बातें सार्वजनिक होने का डर संचालक को सताने लगा। इसी डर के चलते पत्रकार के साथ धक्का-मुक्की, अभद्रता और यहां तक कि कमरे में बंद करने जैसी बात कही गईं।
अब सवाल यह नहीं कि वीडियो वायरल हुआ या नहीं, सवाल यह है कि
– अगर हॉस्पिटल के कैमरों और रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच हो, तो क्या और भी कई राज़ सामने आएंगे?
– क्या यह केवल एक घटना है या वर्षों से दबाई जा रही सच्चाइयों की झलक?
जनता और पत्रकार संगठनों की मांग है कि ऐसे हॉस्पिटल पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो, सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाए, सीसीटीवी फुटेज और रिकॉर्ड खंगाले जाएं, ताकि सच सामने आ सके। क्योंकि यदि अब भी आंखें मूंद ली गईं, तो अगला शिकार कोई और गरीब परिवार हो सकता है।