छिंदवाड़ा पुलिस का सख्त एक्शन, अब जुन्नारदेव की बारी कब?
198 मॉडिफाइड साइलेंसर नष्ट, 6 माह के विशेष अभियान का नतीजा
*रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा*
जिले में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और आम नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए छिंदवाड़ा पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 198 मॉडिफाइड साइलेंसरों को नष्ट किया है। यह कार्रवाई पिछले 6 माह से चलाए जा रहे विशेष अभियान का परिणाम बताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मॉडिफाइड साइलेंसरों से निकलने वाली तेज आवाज न केवल ध्वनि प्रदूषण फैलाती है, बल्कि बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बनती है। इसके साथ ही तेज आवाज वाले वाहन कानून-व्यवस्था के लिए भी चुनौती बनते हैं।
*6 माह का सघन अभियान*
छिंदवाड़ा पुलिस द्वारा चलाए गए इस अभियान के तहत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष चेकिंग प्वाइंट लगाए गए। नियमों का उल्लंघन करने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहनों को रोका गया, जिनमें बड़ी संख्या में मॉडिफाइड साइलेंसर लगे पाए गए।
नियमों के तहत इन साइलेंसरों को जब्त कर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नष्ट किया गया।
इस कार्रवाई के बाद शहर में ध्वनि प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। आम नागरिकों ने पुलिस की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे वाहनों पर कार्रवाई से सड़क पर शांति और सुरक्षा दोनों बढ़ेंगी।
*जुन्नारदेव में कब होगी ऐसी कार्रवाई?*
अब सवाल यह उठ रहा है कि जुन्नारदेव क्षेत्र में ऐसी सख्त कार्रवाई कब की जाएगी? जुन्नारदेव में भी आए दिन तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसर से चलने वाले वाहन देखे जा सकते हैं, जिनसे स्थानीय नागरिक खासे परेशान हैं। लोगों का कहना है कि यदि छिंदवाड़ा शहर की तरह जुन्नारदेव में भी विशेष अभियान चलाया जाए, तो नियम तोड़ने वालों पर लगाम लग सकती है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जुन्नारदेव में भी जल्द से जल्द सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए और मॉडिफाइड साइलेंसरों पर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे।