महंगाई के खिलाफ गूंजना था ‘घंटा’, पुलिस ने तिराहे पर ही बांधा ‘पहरा

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*​सांसद निवास घेराव की कोशिश नाकाम; कांग्रेसियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक, भारी बल तैनात*

*​सत्कार तिराहे पर थमा कांग्रेस का ‘घंटा बजाओ’ आंदोलन, पुलिस ने घेराबंदी कर रोका रास्ता*
*​प्रशासन पर लोकतंत्र के दमन का आरोप, भाजपा कार्यकर्ता भी डटे रहे; छावनी में तब्दील हुआ इलाका*

*रेवांचल रेवांचल छिंदवाड़ा*
जितेन्द्र अलबेला
​केंद्र सरकार की नीतियों, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित ‘घंटा बजाओ’ आंदोलन को प्रशासन ने बीच रास्ते में ही रोक दिया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत कांग्रेस कार्यकर्ता सांसद निवास का घेराव करने निकले थे, लेकिन सत्कार तिराहे पर भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग ने उनके कदम रोक दिए। इस दौरान कांग्रेसियों ने जमकर नारेबाजी की और प्रशासन पर सत्ता पक्ष के दबाव में काम करने का आरोप लगाया।
​तिराहे पर हुई तीखी झड़प
नगर अध्यक्ष पप्पू यादव के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता जैसे ही सत्कार तिराहे से आगे बढ़ने लगे, पुलिस ने उन्हें रोक लिया। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की, जिससे पुलिस के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना चाहते हैं, लेकिन पुलिस ने सांसद निवास की ओर जाने की अनुमति नहीं दी।
*​भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं में टकराव के आसार*
कांग्रेस के इस आंदोलन की भनक लगते ही बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता भी सांसद निवास के आसपास जमा हो गए थे। दोनों गुटों के आमने-सामने आने और टकराव की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से ही हाई अलर्ट पर था। अंबेडकर तिराहे से लेकर कोतवाली तक के इलाकों को छावनी में बदल दिया गया था।
​नेताओं के बोल
​”शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है, जिसे प्रशासन ने तानाशाही के दम पर कुचला है। सरकार जनता की आवाज से डर रही है।”
पप्पू यादव, नगर अध्यक्ष, कांग्रेस

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियातन बैरिकेडिंग की गई थी। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता सत्कार तिराहे से ही वापस लौट गए।

*​प्रदर्शन का उद्देश्य* महंगाई, बेरोजगारी और केंद्र की नीतियों का विरोध।
​सुरक्षा चक्र कोतवाली समेत कई थानों का बल रहा तैनात।
*​तनावपूर्ण स्थिति किंतु नियंत्रण में*
भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सक्रियता से राजनीतिक पारा चढ़ा।
सरकार से रहा छावनी सा नजर आ रहा था

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