नर्मदा तटों पर बढ़ती अशोभनीय गतिविधियाँ

36

श्रद्धालुओं की आस्था पर आघात

दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला, पतित पावनी मां नर्मदा ने माहिष्मती नगरी मंडला को अपनी गोद में बसाया है लेकिन शहर के पवित्र नर्मदा तटों पर युवक-युवतियों की अशोभनीय गतिविधियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासनिक निगरानी और ठोस कार्रवाई के अभाव में ऐसे तत्वों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। परिणामस्वरूप वह स्थान, जहाँ श्रद्धालु श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजन-अर्चन के लिए पहुंचते हैं, वहीं खुलेआम हो रही रंगरेलियाँ आस्था को ठेस पहुँचा रही हैं।
वही शहर के आज़ाद वार्ड स्थित बाबा घाट सहित अन्य प्रमुख घाटों पर शाम के समय ऐसे दृश्य आम होते जा रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस प्रकार के दृश्य देखकर उन्हें बिना पूजन-अर्चन किए ही लौटना पड़ता है, जिससे न केवल धार्मिक भावनाएँ आहत हो रही हैं बल्कि नर्मदा तटों की मर्यादा भी तार-तार हो रही है।
स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। नर्मदा तट न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र हैं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक पहचान भी हैं, जिन्हें इस तरह की गतिविधियों से बचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन भर असामाजिक तत्वों का जमघट यहां लगा रहता है तरह-तरह के नशा करते है, कई बार यहां चोरी की वारदात भी हुई हो चुकी है। इन सभी घटनाओं के बाद भी शहर में नर्मदा तटों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई प्रयास नहीं किया जा रहे हैं।
अब प्रश्न यह उठता है कि क्या नर्मदा तटों की पवित्रता बनाए रखने की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की है, या फिर आम नागरिकों को भी आगे आकर ऐसे कृत्यों का विरोध करना होगा। जनमानस की मांग है कि घाटों पर नियमित पुलिस गश्त, निगरानी कैमरे तथा स्पष्ट नियमों के साथ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि नर्मदा तटों की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था सुरक्षित रह सके। स्थानीय लोगों द्वारा मना करने पर उन्हें मामले में फसाने की धमकी भी दी जाती है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.