मॉडल, लघुनाटिका और स्वरचित गीतों से सजी जिला स्तरीय प्रदर्शनी, विद्यार्थियों ने दिखाई बहुआयामी प्रतिभा

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*मॉडल, लघुनाटिका, स्वरचितगीत एवं सेमिनार के माध्यम से जिला स्तरीय प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने दिखाई अपनी प्रतिभा* ” विकासखंडो से चयनित विद्यार्थियों ने की जिला स्तरीय प्रदर्शनी में उत्साह पूर्वक की सहभागिता “
रेवाँचल टाईम्स – जबलपुर| राज्यशिक्षा केंद्र के निर्देश अनुसार आज दिनांक 13 जनवरी 2026 को जिलाशिक्षा केन्द्र के द्वारा डाईट परिसर में जिलास्तरीय विज्ञान, गणित,पर्यावरण एवं सामाजिक विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. प्रदर्शनी का शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजन, वंदना एवं दीपप्रज्वलन के साथ हुआ. जिला परियोजना समन्वयक योगेश शर्मा ने विकासखंड स्तर तक पहुंचने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन से गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा मिलता है. छात्रों में स्वयं करके सीखने की प्रवृत्ति विकसित होती है. उन्होंने जिला स्तर पर चयनित छात्रों प्रोत्साहित करते हुए संभाग( जोन) स्तर पर चयनित होने के लिए शुभकामनायें दी. प्रदर्शनी विज्ञान,गणित, पर्यावरण, सामाजिक विज्ञान विषयों पर बनाए गए मॉडल,लघु नाटिका,एकल गीत और सेमिनार पर आधारित रही. शाला स्तर से चयनित छात्र-छात्राओं ने जनशिक्षाकेंद्र स्तर पर एवं जन शिक्षा केंद्र स्तर से चयनित छात्र-छात्राओं ने विकासखंड स्तर पर एवं विकासखंड स्तर से चयनित 113 विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी में सहभागिता की. प्रदर्शनी के आयोजन का प्रमुख उद्देश्य गतिविधि आधारित शिक्षण को प्रोत्साहन, प्लास्टिक प्रदूषण को कम करना,अवशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता का स्वस्थ जीवन के लिए महत्व पर आधारित सेमिनार,पर्यावरण संरक्षण से संबंधित स्थानीय एवं स्वरचित एकल गीत, नारी सशक्तिकरण,सोशल मीडिया के दुरुपयोग, स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक कुरीतियों में मुक्ति आदि पर आधारित लघु नाटिका, मॉडलों के माध्यम से छात्र-छात्राओं में पर्यावरण संरक्षण के साथ मानवीय, सामाजिक, वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना है. विद्यार्थियों द्वारा उत्साह पूर्वक सहभागिता कर विज्ञान,

गणित,पर्यावरण, सामाजिक विज्ञान विषयों पर आधारित प्रमुख रूप से श्रीराम मंदिर, आधुनिक कृषि, भारतीय लोकतंत्र, मतदान जागरूकता, परिवार एवं समुदाय, मानव अधिकार, वायुमंडल, मिट्टी की परतें, हमारी पृथ्वी, सौरमंडल,जल संरक्षण,भूकंप, ज्वालामुखी, प्रायिकता, पाइथागोरस प्रमेय, कोणों के प्रकार, भिन्न,वृत्त, गणित पार्क, संख्या रेखा, ज्यामिति आकृतियां, द्विविमीय, त्रिविमीय आकृतियां, संतुलित आहार, भोजन के स्रोत, पर्यावरण संरक्षण,अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक के विकल्प आदि पर आधारित मॉडल बनाए गए. प्रदर्शनी में जिला परियोजना समन्वय योगेश शर्मा, डाइट प्रभारी प्राचार्य सुनील शर्मा, एपीसी राजेश तिवारी, व्याख्याता वाय एन द्विवेदी, बीआरसी केपी दुबे,सुरेंद्र जैन, बीएसी अजय रजक, रत्नेश मिश्रा, कल्पना द्विवेदी,भावना दुबे,अंजू त्रिपाठी,स्वाति बरखेडकर,अजय सिंह ठाकुर,विशंभर गर्ग, गिरीश मौर्य,प्रदीप पटेल, आशुतोष तिवारी, अरविंद बाजपेयी, प्रवीण सोनी,अलका कोरी, राखी बंसल,रश्मि कौशिक, संतोष मिश्रा, हरीभूषण शर्मा, अमृता कोरी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक,छात्र उपस्थित रहे.कार्यक्रम का संचालन बीएसी अजय रजक ने किया.

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