सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के कारण पांच महिला मजदूरों की मौत
*प्रत्येक मृतक के परिजनों को 25 लाख और घायलों को 10 लाख रुपए देने की मांग
दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) एवं ठेकेदार की घोर लापरवाही के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-30, गौर बायपास के पास कल रविवार दोपहर लगभग 1:25 बजे एक भीषण दुर्घटना घटित हुई। इस दुर्घटना में विकासखंड बीजाडांडी के ग्राम बम्होरी की चेनवती कुड़ापे, लक्षों बाई परते, घसीटी बाई कुशराम, कृष्णा बाई कुड़ापे, गुमता बाई उईके महिला मजदूरों की मृत्यु हो चुकी है तथा 11 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। बीजाडांडी के जनपद सदस्य के अनुसार, करीब 20 महिला मजदूरों से चालू हाईवे पर कार्य कराया जा रहा था, जबकि उन्हें किसी भी प्रकार की सेफ्टी किट और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई थी। दुर्घटना के समय न तो एनएचएआई, न ठेकेदार और न ही प्रशासन का कोई प्रतिनिधि मौके पर उपस्थित था, जो अत्यंत गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। जबलपुर मेडिकल में उपचार के दौरान भयभीत होकर कुछ घायल मजदूर रात्रि 12 बजे के बीच अपने घर लौट गए, जिससे उनकी स्थिति और जोखिमपूर्ण हो गई। जनपद सदस्य ने मेडिकल में सभी मृतकों का पोस्टमार्टम करा शव को उनके गांव पहुंचाने में मदद किया।
क्षेत्रीय लोगों के अतिरिक्त बीजाडांडी के जनपद सदस्य एवं समाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र पुट्टा और बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के राज कुमार सिन्हा ने मांग किया है कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। प्रत्येक गंभीर घायल को 10 लाख रूपए की सहायता राशि दी जाए। प्रत्येक मृतक परिवार के एक सदस्य को शासकीय या संविदा आधार पर नौकरी दी जाए। घटना की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी एनएचएआई अधिकारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। यह दुर्घटना प्रशासनिक उदासीनता और ठेकेदार की लापरवाही का परिणाम है। पीड़ित परिवारों को त्वरित न्याय एवं सहायता प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है।
राजेंद्र पुट्टा( 9827774445)
सामाजिक कार्यकर्ता, बीजाडांडी, मंडला।