कान्हा नेशनल पार्क में तेंदुए की मौत, एक माह में दूसरी घटना से वन विभाग चिंतित

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मंडला। मध्यप्रदेश के मंडला ज़िले में स्थित कान्हा नेशनल पार्क से एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है। पार्क के किसली रेंज अंतर्गत मोचीदादर क्षेत्र में एक नर तेंदुए की मौत हो गई। महज एक माह के भीतर तेंदुए की यह दूसरी मौत है, जिससे वन विभाग की चिंता बढ़ गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, देर रात गश्त पर निकले वनकर्मियों ने मोचीदादर क्षेत्र में तेंदुए का शव देखा। इसके बाद तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। खबर मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए डॉग स्क्वाड को भी बुलाया गया।

आज वन्यजीव चिकित्सकों की टीम ने तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम किया। प्राथमिक जांच में डॉक्टरों ने बताया कि मृत तेंदुआ लगभग 10 से 12 वर्ष का नर था। उसके सिर पर बाघ के दांतों के निशान पाए गए हैं, जिससे प्रथम दृष्टया बाघ के हमले में तेंदुए की मौत की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अन्य संभावित कारणों को भी ध्यान में रखते हुए विस्तृत जांच की जा रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले 15 जनवरी को भी किसली वन परिक्षेत्र के साजानाला क्षेत्र में एक मादा तेंदुए का शव मिला था। उस मामले की जांच के बाद पार्क प्रबंधन ने बाघ के साथ संघर्ष के दौरान तेंदुए की मौत की पुष्टि की थी।

 

एक ही माह में तेंदुओं की दो मौतों ने वन्यजीव सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, वन्यजीव विशेषज्ञ इसे जंगल में शीर्ष शिकारी प्रजातियों के बीच होने वाला स्वाभाविक संघर्ष मान रहे हैं। फिलहाल, पार्क प्रबंधन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है और सभी पहलुओं पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।

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