थकी हुई आंखों को मिलेगा तुरंत आराम, बस 5 मिनट करें ये मैजिकल आई-वर्कआउट

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आज के डिजिटल युग में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी हमारी जीवनशैली का अनिवार्य हिस्सा बन गए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि घंटों स्क्रीन की नीली रोशनी आपकी आंखों को समय से पहले बूढ़ा बना रही है। आंखों में जलन, भारीपन और धुंधलापन अब एक महामारी का रूप ले रहा है। आयुर्वेद के अनुसार इन समस्याओं का मूल कारण पित्त दोष का असंतुलन है जिसे सही नेत्र व्यायामों से सुधारा जा सकता है।

आंखों की मांसपेशियों का वर्कआउट

आयुर्वेद का मानना है कि जिस तरह शरीर को फिट रखने के लिए जिम की जरूरत होती है उसी तरह आंखों की मांसपेशियों को भी व्यायाम चाहिए। सही अभ्यास से आंखों में रक्त संचार बढ़ता है और ऑक्सीजन की आपूर्ति सही ढंग से होती है।

पलकें झपकाना

यह सबसे सरल उपाय है। 20 बार तेजी से पलकें झपकाएं और फिर 10 सेकंड के लिए आंखें बंद कर लें। यह आंखों की ड्राईनेस को खत्म कर उन्हें प्राकृतिक नमी देता है।

अप-डाउन और साइड मूवमेंट

बिना सिर हिलाए आंखों की पुतलियों को ऊपर-नीचे और दाएं-बाएं घुमाएं। यह फोकस पावर बढ़ाने और जकड़न कम करने में सहायक है।

 

रोटेशन

आंखों को पहले घड़ी की दिशा और फिर उल्टी दिशा में 5-5 बार घुमाएं। इससे आंखों की थकान तुरंत दूर होती है।

रोशनी बढ़ाने का प्राचीन महामंत्र

आयुर्वेद में त्राटक को आंखों के लिए सबसे शक्तिशाली माना गया है। किसी दीपक या मोमबत्ती की लौ को बिना पलक झपकाए 30 से 60 सेकंड तक देखें। यह न केवल एकाग्रता बढ़ाता है बल्कि दृष्टि को भी तेज करता है। इसके साथ ही त्रिफला जल से आंखों को धोना और गुलाब जल का उपयोग करना आंखों को अंदरूनी ठंडक प्रदान करता है।

जीवनशैली में बदलाव है जरूरी

सिर्फ व्यायाम ही काफी नहीं बल्कि 20-20-20 नियम का पालन करें हर 20 मिनट के स्क्रीन टाइम के बाद 20 फीट दूर 20 सेकंड के लिए देखें। हरी सब्जियां, पर्याप्त नींद और तनाव मुक्त जीवन आपकी नेत्र ज्योति को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की कुंजी है। अगर आपको ज्यादा परेशानी हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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