मझपुरी गांव में भीषण पेयजल संकट, ग्रामीणों ने पवनी–रामनगर मार्ग पर किया चक्काजाम
मंडला। मझपुरी गांव में लंबे समय से चल रहे गंभीर पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार सड़कों पर फूट पड़ा। पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने पवनी–रामनगर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही तहसीलदार, पीएचई विभाग के कर्मचारी और कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ. अशोक मरकोले मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को समझने का प्रयास किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि पवनी–रामनगर सड़क के निर्माण के दौरान मझपुरी गांव से होकर गुजरने वाली सड़क के लिए पीडब्ल्यूडी ने लगभग 58 लोगों को अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी किए थे, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इसके चलते सीमित जगह में सड़क तो बन गई, पर नाली और पाइपलाइन बिछाने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं बचा। परिणामस्वरूप गांव में जलापूर्ति व्यवस्था चरमरा गई।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान गांव की पुरानी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। अब जब नई पाइपलाइन और नाली निर्माण का कार्य शुरू किया गया, तो अतिक्रमणकारियों द्वारा इसमें बाधा डाली जा रही है। इसी कारण समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा और ग्रामीणों को कई दिनों तक पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि पहले अतिक्रमण हटाया जाए, ताकि पाइपलाइन और नाली निर्माण का कार्य पूरा हो सके और गांव में नियमित जलापूर्ति बहाल की जा सके। मौके पर पहुंचे कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ. अशोक मरकोले ने इस स्थिति को प्रशासनिक लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि गांव में पानी की टंकी बन चुकी है और पाइपलाइन कनेक्शन का कार्य वर्ष 2022 में ही पूरा हो जाना था, लेकिन अब तक अधूरा है।
उन्होंने स्थानीय विधायक और सांसद पर भी सवाल उठाए और कहा कि तहसीलदार सहित प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद है, ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्या के समाधान का आश्वासन दे रहा है। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन ग्रामीणों के इस गंभीर पेयजल संकट का समाधान कब तक और किस तरह करता है, ताकि मझपुरी गांव के लोगों को रोज़ाना पानी के लिए संघर्ष न करना पड़े।