क्या आप भी रहते हैं चिड़चिड़े और थके हुए? सिर्फ 15 मिनट पैरों को दें ये खास ट्रीटमेंट, मिलेगा मानसिक सुकून
भागदौड़ भरी जिंदगी में दिनभर की थकान सिर्फ शरीर को ही नहीं बल्कि मन को भी बोझिल कर देती है। जब मन विचलित हो और समझ न आए कि क्या करें तब आयुर्वेद का प्राचीन पाद-स्नान आपके काम आ सकता है। यह सरल अभ्यास आपके तंत्रिका-तंत्र को शांत कर नई ऊर्जा भर देता है।
आज की जीवनशैली में मानसिक थकान शारीरिक थकान से कहीं ज्यादा बड़ी समस्या बन चुकी है। काम का दबाव और लगातार स्क्रीन के सामने बैठे रहने से शाम तक शरीर भारी और मन अशांत महसूस होने लगता है। ऐसे में आयुर्वेद एक बहुत ही सरल और प्रभावी समाधान सुझाता है जिसे पाद-स्नान कहा जाता है।
क्या है पाद-स्नान
पाद-स्नान का सीधा अर्थ है पैरों को गुनगुने नमक युक्त जल में डुबोकर रखना। आयुर्वेद में इसे एक महत्वपूर्ण संध्या-अभ्यास माना गया है। यह न केवल मांसपेशियों को आराम देता है बल्कि हमारे शरीर के नाड़ी-तंत्र को स्थिरता का संकेत देता है।
नमक और गुनगुने पानी का फायदा
इस प्रक्रिया में नमक का उपयोग केवल स्वाद के लिए नहीं बल्कि इसके उपचारात्मक गुणों के लिए किया जाता है। सेंधा या समुद्री नमक जब गुनगुने पानी के साथ मिलता है तो यह शरीर के भारीपन को कम करने और ऊर्जा के प्रवाह को संतुलित करने में मदद करता है। यह मेल तंत्रिका-तंत्र को शांत करता है जिससे मन की बेचैनी कम होती है।
पाद-स्नान करने की सही तरीका
- एक टब में अपने पैरों के डूबने लायक हल्का गुनगुना पानी लें।
- इसमें दो बड़े चम्मच सेंधा या समुद्री नमक मिलाएं।
- कुर्सी पर आराम से बैठकर 10 से 15 मिनट के लिए पैरों को पानी में डुबोएं।
- इस दौरान अपनी श्वास पर ध्यान केंद्रित करें और शांत रहें।
नियमित अभ्यास के फायदे
बॉडी डिटॉक्स: यह एक सौम्य डिटॉक्स प्रक्रिया है जो शरीर से विषाक्त तत्वों के प्रभाव को कम करती है।
हैप्पी हार्मोन्स: यह क्रिया मस्तिष्क को आराम देकर शरीर में हैप्पी हार्मोन्स के उत्पादन को बढ़ावा देती है।
गहरी नींद: पाद-स्नान के बाद शरीर हल्का महसूस करता है जिससे अनिद्रा की समस्या दूर होती है और गहरी नींद आती है।
एकाग्रता में सुधार: तनाव कम होने से मन की एकाग्रता बढ़ती है और चिड़चिड़ापन दूर होता है।
यदि आपको शाम के वक्त रोजाना कमजोरी महसूस होती है तो पाद-स्नान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। यह न केवल आपके तन को रिलैक्स करेगा बल्कि आपके मस्तिष्क को अगले दिन की चुनौतियों के लिए तैयार भी करेगा।