दीपक जलाने का सही समय क्या है? छोटी-सी गलती बन सकती है बड़े दुर्भाग्य की वजह!
सुबह-शाम घर में दीपक जलाना महज एक परंपरा नहीं है बल्कि यह सनातन परंपरा की आध्यात्मिक आदत है, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि सही समय पर, सही जगह पर और सही तरीके से दीपक जलाने से घर में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
लेकिन हम में से कई लोगों को सही जानकारी ना होने की वजह से गलत तरह से दीपक जलाते हैं, जिसकी वजह से इसका पूरा फायदा यानी फल नहीं मिल पाता है। ऐसे में आइए जानते हैं घर के मंदिर दीपक जलाने का सही समय, स्थान और तरीका क्या होता है।
शाम के समय दीपक जलाने का क्या है धार्मिक महत्व
वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि, शाम के समय दीपक जलाने से दिनभर की नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और घर में सुकून का माहौल बनता है। हालांकि इसके लिए सही समय और विधि का पालन जरूरी है, क्योंकि गलत तरीके से दीपक जलाने से मानसिक दबाव और धन संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। दीपक हमेशा साफ-सुथरे वातावरण और शांत मन से जलाना चाहिए।
दीपक जलाने का क्या है शुभ समय
घर के मंदिर में दीपक जलाने का सबसे उत्तम समय सूर्यास्त के तुरंत बाद माना गया है। इस समय दीपक जलाने से पूरे दिन की थकान और नकारात्मकता दूर होती है। बहुत देर रात या पूरी तरह अंधेरा होने के बाद दीपक जलाना विशेष लाभ नहीं देता। यदि रोज़ एक निश्चित समय पर दीपक जलाया जाए, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
दीपक जलाने की सही दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मंदिर या ईशान कोण में दीपक जलाना सबसे शुभ माना जाता है। यदि घर में पूजा स्थान उपलब्ध न हो, तो मुख्य द्वार के पास दीपक जला सकते है। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
दीपक जलाते समय किन बातों का रखें ध्यान
- वास्तु विशेषज्ञों का कहना है कि, दीपक के लिए घी का प्रयोग श्रेष्ठ माना गया है।
- यदि घी उपलब्ध न हो, तो सरसों के तेल का दीपक भी शुभ फल देता है।
- दीपक जलाते समय मन और विचार सकारात्मक रखें।
- हाथ अच्छी तरह साफ करके ही दीपक जलाएं।
- दीपक को फूंक मारकर न बुझाएं, बल्कि हाथ से ही बुझाना उचित माना जाता है।