सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का ‘एमएसएमई क्रेडिट आउटरीच’: छिंदवाड़ा के उद्यमियों को मिली ₹75 करोड़ की वित्तीय संजीवनी

जितेन्द्र अलबेला
रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा|जिले के आर्थिक परिदृश्य को नई गति देने के उद्देश्य से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा इमलीखेड़ी में एक भव्य ‘एमएसएमई क्रेडिट आउटरीच’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में न केवल उद्यमियों को बैंकिंग योजनाओं का मार्गदर्शन मिला, बल्कि मौके पर ही ₹75 करोड़ के ऋण का वितरण कर उनके सपनों को पंख लगाए गए।
वित्तीय अनुशासन ही सफलता की कुंजी: धर्मेंद्र पांडे
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भोपाल से पधारे उप अंचल प्रमुख धर्मेंद्र पांडे रहे। उन्होंने उभरते उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में बैंकिंग प्रक्रियाएं उद्यमियों के लिए पहले से कहीं अधिक सुलभ और पारदर्शी हो चुकी हैं। उन्होंने सफलता के तीन सूत्र साझा किए:
वित्तीय अनुशासन: ऋण का सही और समयबद्ध प्रबंधन।
योजनाबद्ध निवेश: क्षमता के अनुसार ही ऋण योजनाओं का चयन।
डिजिटल बैंकिंग: सुरक्षित और पारदर्शी लेनदेन के लिए तकनीक को अपनाना।
”सही कौशल, स्पष्ट व्यावसायिक सोच और समय पर मिलने वाली बैंक सहायता किसी भी लघु उद्योग को बड़े कॉर्पोरेट में बदल सकती है।” धर्मेंद्र पांडे, उप अंचल प्रमुख
75 करोड़ के ऋण से चमकेगा व्यापार
कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न एमएसएमई इकाइयों को कुल ₹75 करोड़ के स्वीकृति पत्र सौंपे गए। बैंक अधिकारियों के अनुसार, इस राशि का उपयोग व्यवसाय विस्तार, नई मशीनरी की खरीद और कार्यशील पूंजी के रूप में किया जाएगा, जिससे जिले में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
प्रमुख अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर बैंक के मुख्य प्रबंधक संजय यादव, सुशील कुमार, विष्णु कुमार (मुख्य शाखा), ऊषा सूपनार (नरसिंहपुर), अरुण कुमार (चंदनगांव), श्याम देव नाथ (लिंगा), अक्षय पांडे (कुकड़ाजगत), यशवर्धन (चांद) और पीयूष लामसोंगे (ईएलसी) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में एक संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय उद्यमियों की शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया गया। भारी संख्या में उपस्थित उद्यमियों ने बैंक की इस पहल की सराहना की।