रेल लाइन सर्वे को हरी झंडी, फिर भी राष्ट्रीय ब्रॉड गेज रेलवे संघर्ष समिति सतर्क

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परियोजना सिर्फ कागजी घोषणा तक सीमित ना रहे

नई रेल लाइन के लिए सर्वे को मिली स्वीकृति

जारी रहेगा राष्ट्रीय ब्रॉड गेज रेलवे संघर्ष समिति का संघर्ष

दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला, जिले में लंबे इंतजार के बाद मध्य प्रदेश के जनजातीय और पिछड़े इलाकों के लिए एक बड़ी सौगात मिली है। लगभग 200 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित नई रेल लाइनपेंड्रा रोड से अमरकंटक, डिंडोरी, मंडला होते हुए घंसौर तक के लिए रिकॉनिसेंस इंजीनियरिंग सह ट्रैफिक सर्वे को केंद्रीय बजट 2025-26 में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस महत्वपूर्ण कदम से क्षेत्र में विकास की नई गति आने की उम्मीद जगी है।
वही जानकारी के अनुसार वर्ष 2014 से चली आ रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अब ठोस आधार मिलता दिख रहा है। सर्वे की मंजूरी के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में निर्माण कार्य की दिशा में तेजी से कदम उठाए जा सकते हैं।
क्षेत्र के लिए बहुआयामी लाभ
इस नई रेल लाइन से मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर और आसपास के जनजातीय बहुल क्षेत्रों को सीधा रेल नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिलेगा। प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
जैसे कि अमरकंटक विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल और पर्यटन केंद्र को रेल से सीधी कनेक्टिविटी, जिससे श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी।
मंडला, डिंडोरी और आसपास के जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर।
छात्रों, मरीजों और मजदूरों के लिए सस्ता, सुरक्षित और सुगम परिवहन।
स्थानीय व्यापार, उद्योग, कृषि उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग और रोजगार सृजन।
विशेष रूप से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU) अमरकंटक और मंडला क्षेत्र को इससे बहुआयामी फायदा पहुंचेगा।
मंडला की पुरानी मांग अब हकीकत की ओर मंडला जिला रेलवे विकास में लंबे समय से उपेक्षित रहा है। ब्रिटिश काल का मंडला फोर्ट स्टेशन आज भी नाममात्र की यात्री सेवाओं पर निर्भर है, जबकि आसपास के जिले तेजी से आगे बढ़े। वर्षों से चली आ रही मांग अब सर्वे स्वीकृति के रूप में फलीभूत हो रही है।
आंदोलन और संघर्ष जारी
राष्ट्रीय ब्रॉडगेज रेलवे संघर्ष समिति मंडला के आह्वान पर स्थानीय स्तर पर आंदोलन तेज हो गया है। समिति ने मांग की है कि परियोजना केवल कागजी घोषणा तक न सीमित रहे, बल्कि बजट और मंजूरी के साथ धरातल पर उतरे।
इस संदर्भ में समिति ने निम्न कार्यक्रम घोषित किए हैं:
9 फरवरी 2026 मंडला रेलवे स्टेशन पर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन (सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक)।
17 फरवरी 2026स्थानीय कलेक्ट्रेट परिसर में विशाल धरना एवं ज्ञापन सौंपना (सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक)।
समिति की प्रमुख मांगें:
पातालकोट एवं पेंचवेली ट्रेन को मंडला से शुरू किया जाए।
मंडला से जबलपुर, रायपुर, नागपुर, भोपाल, दिल्ली तक सीधी रेल सेवाएं शुरू हों।
मंडला से जबलपुर, घंसौर तक नई रेल लाइन।
पेंड्रा रोड से गोटेगांव (डिंडोरी सहित) नई रेल लाइन।
समिति का स्पष्ट संदेश है — रेल विकास हमारा अधिकार है, मंडला को हक चाहिए – भीख नहीं। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से अपील है कि समय रहते इस परियोजना को प्राथमिकता दी जाए, अन्यथा आंदोलन और तेज होगा।
यह कदम न केवल मंडला बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए विकास का नया अध्याय साबित हो सकता है। स्थानीय निवासी और संगठन अब उम्मीद के साथ सर्वे रिपोर्ट और आगे की प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं।

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