कलेक्टर जनसुनवाई में खाली बर्तन लेकर पहुंचीं ग्रामीण महिलाएं, दो साल से बूंद-बूंद को तरस रहा भाटिया टोला

रेवांचल टाइम्स मंडला कलेक्टर जनसुनवाई केंद्र में मंगलवार को उस समय मार्मिक और झकझोर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जब ग्राम पंचायत ईमली गोहान के भाटिया टोला की दर्जनों ग्रामीण महिलाएं खाली बर्तन लेकर पहुंचीं। दो वर्षों से भीषण पेयजल संकट झेल रहे ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने साफ शब्दों में कहा—अब आश्वासन नहीं, ठोस समाधान चाहिए।
ग्राम ईमली गोहान के भाटिया टोला में पेयजल की समस्या लगातार गहराती जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र के नदी-नाले पूरी तरह सूख चुके हैं और गांव के कुओं में भी पानी का स्तर शून्य के बराबर है। हालात यह हैं कि पीने के पानी के लिए महिलाओं को दूर तक भटकना पड़ता है। गर्मी बढ़ने के साथ संकट और विकराल होता जा रहा है।
जनसुनवाई में पहुंची महिलाओं ने कहा कि वे पिछले दो वर्षों से विभागीय अधिकारियों और पंचायत स्तर पर शिकायत दर्ज कराती आ रही हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। “हम लोग दो साल से पानी के लिए परेशान हैं। नदी-नाला सूख गया है, कुएं में पानी नहीं है। दूर से पानी लाना पड़ता है। अब खाली बर्तन लेकर आए हैं ताकि प्रशासन हमारी पीड़ा समझे,” एक महिला ने भावुक स्वर में कहा।
ग्रामीणों ने बताया कि भाटिया टोला के अधिकांश परिवार बैगा समाज से हैं, जो पहले से ही आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग में आते हैं। उनका कहना है कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव उनके दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। पीने के पानी के अभाव में बच्चों की पढ़ाई, घर का कामकाज और आजीविका सभी प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जनमन योजना के अंतर्गत शीघ्र घर-घर नल कनेक्शन और नियमित पानी सप्लाई की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो स्थिति और भयावह हो सकती है। कई परिवारों को दूषित या असुरक्षित जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
स्थानीय जनपद सदस्य हरेन्द्र मसराम ने भी प्रशासन के समक्ष ग्रामीणों की समस्या को गंभीर बताते हुए कहा, “हम प्रशासन पर भरोसा करके अब तक इंतजार कर रहे थे, लेकिन अब हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। पाइपलाइन बिछाने और नियमित जल आपूर्ति की तत्काल व्यवस्था की जाए।” उन्होंने बताया कि में जनता से जुड़ा व्यक्ति हूँ कलेक्टर साहब ने स्पस्ट कहाँ है कि होली के पहले अगर पानी नही मिला तो संबंधित अधिकारी मनोज भास्कर साहब को निलंबित कर दिया जाएगा
जनसुनवाई में अधिकारियों ने आवेदन प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि वे अब केवल कागजी प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं होंगे, बल्कि जमीनी स्तर पर काम शुरू होते देखना चाहते हैं।
पेयजल जैसी बुनियादी आवश्यकता के लिए आदिवासी ग्रामीणों का खाली बर्तन लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचना प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस संवेदनशील मुद्दे पर कितनी तेजी से ठोस कदम उठाता है, ताकि भाटिया टोला के लोगों को दो साल से जारी जल संकट से राहत मिल सके।