कोल्ड चेन टूटी, भरोसा भी टूटा….डिंडोरी में FMD वैक्सीन खुले में, लाखों की दवा बेअसर होने की कगार पर

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डिंडोरी। पशुओं को जानलेवा बीमारी खुरपका-मुंहपका (FMD) से बचाने के लिए भेजी गई वैक्सीन को लेकर पशुपालन विभाग डिंडोरी में गंभीर लापरवाही सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक FMD वैक्सीन को नियमों के विपरीत खुले में रख दिया गया, जबकि यह वैक्सीन केवल 2°C से 8°C तापमान में ही सुरक्षित मानी जाती है।

सूत्रों ने बताया कि जब से वैक्सीन डिंडोरी पहुंची है, तब से उसे कोल्ड स्टोरेज में नहीं रखा गया। विभाग में वैक्सीन व दवाइयों के लिए मौजूद फ्रिज काफी समय से खराब पड़े हैं, लेकिन उन्हें सुधारने की कोई पहल नहीं की गई। चर्चा यह भी है कि फ्रिज सुधारने के लिए पैसे नहीं हैं, और इसी वजह से करोड़ों की सरकारी वैक्सीन भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।

*कोल्ड चेन टूटी तो वैक्सीन बेकार*

विशेषज्ञों के अनुसार वैक्सीन के निर्माण से लेकर पशु को लगने तक कोल्ड चेन बनाए रखना अनिवार्य होता है। यदि यह श्रृंखला टूटती है, तो वैक्सीन पूरी तरह बेअसर हो सकती है। ऐसे में सवाल यह है कि अगर खराब वैक्सीन पशुओं को लगा दी गई, तो बीमारी फैलने की आशंका कौन रोकेगा, पशुपालकों को हुए नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा, सरकार को लाखों रुपये की क्षति का जवाब कौन देगा।

*उपसंचालक की मनमानी, सरकार को सीधी चुनौती*

वही जब इस मामले की जानकारी प्राप्त करने लिए प्रभारी उपसंचालक से बात की गई तो उन्होंने बताया वैक्सीन कई प्रकार की होती है कुछ को फ्रिज में रखना होता है और कुछ को नहीं| लेकिन FMD वैक्सीन के सवालों पर बचते नजर आए और घुमा फिरा कर सवालों का जवाब दिया क्योंकि FMD वैक्सीन को फ्रिज में ही रखना होता है नहीं तो वो बेअसर हो जाती है उपसंचालक की हठधर्मिता और लापरवाही से न सिर्फ विभाग की छवि खराब हो रही है, बल्कि मध्य प्रदेश सरकार को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। जबकि पशुपालन विभाग राज्य सरकार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है। पशुओं में फैलने वाले रोगों की रोकथाम और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए डॉ. मोहन यादव की सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, समय-समय पर सभी जिलों में दवाइयां और वैक्सीन भेजी जा रही है लेकिन जिम्मेदार प्रभारी उपसंचालक को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। डिंडोरी में जो हो रहा है, वह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि यह सरकार को ठेंगा दिखाने की खुली हिम्मत है। न नियमों की परवाह, न पशुओं की चिंता, न पशुपालकों की परवाह।

*प्रभारी उपसंचालक, सरकार को दिखा रहे है ठेंगा ?*

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि डिंडोरी में उपसंचालक सरकार को ठेंगा दिखाने पर उतारू हैं। नियम, दिशा-निर्देश और पशुपालकों की चिंता—सबको ताक पर रखकर विभागीय मनमानी की जा रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि इस लापरवाही की जांच कब होगी ।जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी। और अगर कल पशुओं में FMD फैला, तो जिम्मेदार कौन होगा।

*इनका कहना है*

वैक्सीन तो कई प्रकार की होती है सारी वैक्सीन फ्रिज में नहीं रखी जाती कुछ को फ्रिज में रखते है कुछ को बाहर ही रखते हैं|

प्रभारी उपसंचालक डॉ. एच. पी. शुक्ला, जिला – डिंडोरी

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