शहर में बढ़ रहा यातायात का भारी दबाव….नागरिक परेशान ,बेहोशी में जवाबदार

 

दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला, नगर में विकास एक सत्त प्रक्रिया है जिसके तहत नगर व जिले का विकास शनै-शनै होते चले जा रहे हैं। भविष्य की संभावनाओं को मद्देनजर रखते हुये यदि विकास किया गया होता तो आज हमारे सामने बड़ी संख्या के चलते बड़े यातायात के दबाव का दंश नहीं झेलना पड़ता यदि एक प्रयोजित तरीके से यदि नगर का विकास होता तो पार्किट, फुटपाथ, यातायात जैसे ज्वलंत समस्याओं से दो-चार नहीं होना पड़ता। कहावत है कि बीती ताही बिसार दे आगे की सुत ले हम इतिहास के पूर्वजों की गलतियों को न दोहराते हुये एक नई सोच के साथ कुछ अप्रिय कदम भी उठाये तभी जाकर व्याप्त समस्याओं का निदान हमें मिल सकेगा।

वर्तमान परिषद के कार्यकाल में नगर सौन्दयी करण की परिपाटी में तीव्रगामी ढंग से चलायमान है । नगर की व्यवस्थाओं में पालिका परिषद की कार्यप्रणाली से कसावट आ रही है, जिससे नगर विकास अपने लक्ष्य की ओर बढता चला जा रहा है । जनहित की अपेक्षाओं पर जनप्रतिनिधि खरे भी उतर रहे है, और उसी का परिणाम है कि नगरपालिका परिषद से आमजनों की अपेक्षायें बढ रही है । 

नगर के हृदयस्थल में निर्मित कमनियागेट इसमें पहला कदम माना जा रहा है 1997 के भूकंप से थरथराई धरती ने इसे भी थरथरा दिया और कमनिया जीर्णशीर्ण हो चुका है। जिससे कभी भी कोई दुर्घटना संभावित है। 

अत: तोड़कर नये कमनिया गेट का निर्माण महती आवश्यकता है। जिसमें चौड़ा व इसी आकर का नया कमनिया गेट बनाया जावे जिससे इस क्षेत्र में यातायात की समस्या का हल मिलेगा तथा पुल की चौड़ाई बढ़ाने के लिए नगर पालिका को मजबूर होना पड़ेगा। इस कमनिया गेट के ऊपर से धपड़े गिर रहे है जिससे कभी भी कोई दुर्घटना घट सकती है, नगरपालिका की बैठक सम्पन्न होने जा रही है तो उक्त बैठक में इस मुद्दे पर भी चर्चा कर कोई ठोस निर्णय लिया जाना चाहिए। इसी प्रकार सब्जी मंडी स्थित कमनिया गेट जर्जर हो चुका है जिसमें पटिया तक उसमें लटक रहे हैं वह कभी भी धाराशाही हो सकता है जिससे धन-जन की हानि हो सकती है। जिसके लिए भी निर्णय लेना समय की मांग है।

       वही नगर में नेहरु स्मारक चौराहे का चौडीकरण एक सराहनीय पहल है जो प्रत्यक्ष रुप से जनहित से जुडा हुआ है । इस कार्य को लेकर काफी लंबे अर्सेे से आम जनमानस के द्वारा मांग की जा रही थी जिसे वर्तमान नगरपालिका परिषद ने पूरा कर जनहित में प्रशंसनीय कार्य किया है  परंतु अभी भी नगरपालिका परिषद के लिये चुनौतियां समाप्त नहीं हुयी है । नगर में जनहित से जुडे ऐसे अनेक विषय अभी भी शेष है जिनमें दृढ इच्छा शक्ति और मजबूत संकल्प के साथ काम किये जाने से ही सफलता मिलेगी ।  

पर्वकाल व अन्य समय में रपटा के निकट रानी दुर्गावती की प्रतिमा से लगे हुये रेवांचल पार्क को यदि थोड़ा सा संकीर्ण कर दिया जावे तो इस मार्ग में बनने वाले अंधेमोड को समाप्त किया जा सकता है। जिसके लिये पार्क के प्रवेश द्वार से कलादीर्घ के सामने वाले गेट से सीधाई मिला दी जावे तो जहां रपटाधाम में जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी वही दूसरी और अंधेमोड से निजात भी मिल सकेगी।

उपरोक्त रेवांचल पार्क वैसे भी कम उपयोग होता है और नगरवासियों की रुचि भी इस पार्क को लेकर कापी कम है यदि इस पार्क की चौडाई कम कर दी जाये तो दोनों ओर से सडक स्पष्ट दिखने लगेगी और अंधे मोड की स्थिति समाप्त हो जायेगी ।

इसी प्रकार नेहरू स्मारक के निकट वन विभाग का बेकार पड़ा गोदाम बनाम लाल भवन भी अंधा मोड बनाता है जिसे विभाग की सहमति से तोड़कर अंधेमोड को भी खत्म किया जा सकता है जिससे यातायात में आसानी हो सकेगी। इस अंधे मोड का एक मार्त कारण वन विभाग का जीर्ण-शीर्ण भवन और पेशाब घर है जिसके कारण से अंधे मोड जैसी स्थिति बनी हुई है । यदि उपरोक्त भवन और पेशाब घर को हटा दिया जाये तो दूर तक स्पष्ट दिखने वाली सडक जैसी स्थिति निर्मित की जा सकती है। 

 

यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने की दृष्टि से यदि छोटे पुल से पैदम व दोपाहिया वाहनों का आवागमन कर दिया जावे तो बड़े पुल में होने वाली दुर्घटनाओं के ग्राफ में निश्चित रूप से कमी आयेगी। यह सुविधा वर्षाकाल में प्रतिबंधित भी रखी जा सकती है। 

नगर में पार्किग की ज्वलंत समस्या है पूर्व परिषद द्वारा परिषद के परिसर में ही पार्किग की व्यवस्था की गई थी उसे पुन: बहाल कर पुलिस का सहयोग लेकर शक्ति से एक निश्चित अवधि में पालन कराया जाये तो शाम को लगने वाले जाम से मुक्ति मिल सकेगी। इस पार्किग व्यवस्था से नगरपालिका को आर्थिक आमदनी भी अतिरिक्त हो सकती है। अपेक्षा की जा रही है कि नगरपालिका परिषद  बैठक में इन बिन्दुओं पर सर्वसम्मति से इन पर कोई कठोर व ठोस निर्णय लेती है तो निश्चित रूप से नगरवासियों को कुछ सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। 

नगरवासियों को पता है कि वर्तमान नगरपालिका परिषद की दृढ इच्छा शक्ति है और जनहित के मजबूत संकल्प के साथ कार्य करने वाले अधिकारी व जनप्रतिनिधि नगर विकास में अपनी सक्रिय भूमिका अदा कर रहे है । इन्हीं आशाओं के साथ नगरवासियों ने अपेक्षा की है कि उपरोक्त अंधे मोडों को खत्म करने की कवायद अतिशीघ्र शुरु की जाये । ताकि आम लोगों की सुरक्षा और व्यवस्थित नगर की कल्पना को साकार किया जा सके ।

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