बैगा बहुल मवई के साथ भेदभाव नहीं सहेंगे” — बस्ती विकास परियोजना पर उठे बड़े सवाल, कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी

 

दैनिक रेवांचल टाइम्स, मंडला।जिले के आदिवासी और बैगा बहुल मवई विकासखंड में विकास की अनदेखी को लेकर अब राजनीतिक माहौल गरमा गया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मवई ने खुला ऐलान करते हुए कहा है कि अगर आदिवासी अंचल के साथ हो रहा भेदभाव नहीं रुका, तो सड़क से लेकर जनआंदोलन तक की लड़ाई लड़ी जाएगी।
100 किमी दूर मवई — विकास से कोसों दूर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिला मुख्यालय से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित मवई आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहा है।
सरकारें भले ही “अंतिम व्यक्ति तक योजना” पहुंचाने का दावा करें, लेकिन मवई की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है।
गांवों में बिजली का अभाव
शुद्ध पेयजल की कमी, जर्जर स्कूल भवन
आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव, यह हालात बताते हैं कि विकास के नाम पर सिर्फ कागजी दावे किए जा रहे हैं।
बस्ती विकास परियोजना पर गंभीर आरोप
जनजातीय विभाग की बस्ती विकास परियोजना, जो खास तौर पर आदिवासी और बैगा क्षेत्रों के लिए बनाई गई थी, उसी में मवई को कथित रूप से नजरअंदाज किया जा रहा है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया—
अन्य ग्राम पंचायतों को अधिक बजट
मवई विकासखंड को उपेक्षित रखा गया
योजना का लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच रहा
इसे आदिवासी समाज के साथ सौतेला व्यवहार करार दिया गया है।
ठेकेदारी प्रथा और भ्रष्टाचार का साया
सबसे गंभीर आरोप यह है कि योजना के अधिकांश कार्यों में अप्रत्यक्ष रूप से ठेकेदारी प्रथा हावी है, जिससे
भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ रही है
गुणवत्ता प्रभावित हो रही है
असली लाभार्थी वंचित रह रहे हैं
कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने कलेक्टर से मांग की है कि—
पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो स्वीकृत और खर्च राशि का खुलासा किया जाए, जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई हो
चेतावनी: अब होगा निर्णायक आंदोलन
कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो—
चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा
जनता को साथ लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन होगा, और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
बड़ा सवाल
आखिर क्यों बैगा बहुल मवई विकासखंड को योजनाओं से वंचित रखा जा रहा है?
क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर किसी बड़े खेल का हिस्सा?
“अब चुप नहीं बैठेगा मवई” — यह संदेश साफ है कि आदिवासी हक की लड़ाई अब सड़क पर उतरने वाली है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.