चुटका परियोजना को हस्तांतरित होने वाली वन भूमि के सर्वे को लोगों ने रोका

दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला, जिले के नारायणगंज में प्रस्तावित चुटका परमाणु परियोजना के लिए आरक्षित वन और राजस्व वन को परियोजना के लिए हस्तांतरित करने के लिए गांव से लगे जंगलों में विगत 16 मार्च को राजस्व विभाग,वन विभाग, एनपीसीआईएल के कर्मचारी और पुलिस विभाग के लोग आए थे। इसकी जानकारी ग्रामीणों को मिलने पर सभी लोग जंगल पहुंच कर अधिकारियों से पूछताछ किए। उन्होंने यहां आने का उद्देश्य बताया तो ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया। इसके बाद भारी पुलिस बल निवास से बुला लिया गया था। परन्तु ग्रामीणों ने सर्वे नहीं होने दिया।उस दिन सरकारी अमला वापस चला गया। 18 मार्च को दूबारा जंगल जमीन का सर्वे करने दल-बल के साथ विभाग के लोग मौके पर पहुंचे तो अधिकारियों ने देखा कि चुटका, कुंडा और टाटीघाट के सैकड़ों महिला – पुरुष पहले से मौजूद हैं। ग्रामीणों ने सर्वे का विरोध किया और इसे नहीं करने दिया। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि हम आपके गांव में बैठक कर बातचीत करके ही कोई काम को आगे बढ़ाएंगे। गांव की महिला और पुरुष आक्रोशित थे कि हमारे जंगलों को बिना ग्राम सभा की सहमति के कैसे सर्वे कर रहे हैं। इसकी कोई जानकारी भी ग्राम सभा को नहीं दिया गया है।यह पेसा कानून का उलंघन है।
वही चुटका परमाणु विरोधी संघर्ष समिति के अध्यक्ष दादु लाल कुङापे ने बताया कि चुटका परियोजना के लिए 54.46 हेक्टेयर आरक्षित वन और 65 हेक्टेयर राजस्व वन को परिवर्तित करने की मंजूरी दिनांक 25 अगस्त 2017 को राज्य सरकार द्वारा दे दिया गया है। परन्तु आरक्षित वन और राजस्व वन को परियोजना के लिए हस्तांतरित करने संबंधी प्रभावित ग्राम सभा की सहमति नहीं लिया गया है। जबकि वन अधिकार कानून 2006 के अन्तर्गत लगे वयक्तिगत और सामुदायिक दावों का निराकरण नहीं हुआ है। परियोजना से प्रभावित गांव चुटका के 48 काश्तकारों का वन भूमि और 35 काश्तकारों की राजस्व की घास जमीन पर कब्जा है। जिसपर काश्तकारों द्वारा वर्षों से खेती की जा रही है।इसी प्रकार परियोजना प्रभावित गांव कुंडा के वन भूमि पर काबिज 35 काश्तकारों को वन अधिकार पत्र नहीं मिला है। जबकि वर्तमान में लोग अभी काबिज जमीन पर खेती कर परिवार का जीवन यापन चला रहे हैं। इस सर्वे के समय जिला पंचायत सदस्य भूपेंद्र बरकङे, कुंडा गांव के धोने लाल कुङापे, रामचंद्र बरकङे,रामचरण पुंधे,नवल पुंधे,मन्नू कुङापे टाटीघाट गांव के विनोद ठाकुर,नरेश दुबे और चुटका गांव के गेहवर बरकङे, दशरथ पुंधे,सरजन बरकङे, मीरा बाई मरावी,सोना बाई, सरिता बाई,सेववती और लीला बाई की विशेष उपस्थिति थी। जिन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को शांत किया।
दादु लाल कुङापे (9424305836)