आचार्य पदारोहण दिवस पर भक्ति भाव से गूंजा ‘णमोकार मंत्र’, आचार्य भक्ति से सराबोर रहा मंडला

शिरोमणि परम पूज्य आचार्य विद्यासागर जी महाराज के प्रथम शिष्य आचार्य श्री विनीत सागर जी के सान्निध्य में विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित


मंडला। वीणा नगरी पिंडई में युग शिरोमणि परम पूज्य आचार्य भगवन श्री विद्यासागर जी महाराज के प्रथम पट्ट शिष्य शिरोमणि परम पूज्य आचार्य श्री विनीत सागर जी महाराज के सान्निध्य में भव्य आचार्य पदारोहण दिवस श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पाठशाला सहित वीणा नगरी पिंडई के बच्चों के द्वारा अनेक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन बेला में पूज्य आचार्य महाराज के चरणों में भक्ति स्वरूप पूजन अर्चन से हुई। इसके पश्चात बच्चों ने विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिनमें भक्ति, संस्कार और आध्यात्मिक संदेशों का समावेश रहा। मध्याह्न में भक्तिभाव से पूज्य आचार्य श्री विनीत सागर जी महाराज की गुरुभक्ति का गुणगान किया गया।

सांयकालीन सत्र में आयोजित प्रवचन में पूज्य आचार्य महाराज ने अपने उद्बोधन में जीवन को धर्म आधारित बनाने और संस्कारों के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्कार ही वह आधार हैं, जिनसे जीवन की दिशा और दशा दोनों निर्धारित होती हैं।

इस दौरान पाठशाला के नन्हें बच्चों ने भी अपनी प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को दान स्वरूप सामग्री वितरित की गई। वहीं, समस्त नगरवासियों ने मिलकर महाराज श्री के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की और धर्ममय वातावरण का आनंद लिया।

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