जनपद पंचायत उपाध्यक्ष संदीप सिंगौर ने आरोपों को बताया निराधार, प्रेस कांफ्रेंस कर दी सफाई
घोटाले की शिकायत के बाद अधिकारियों द्वारा लगाए जा रहे हैं झूठे आरोप, साबित होने पर पद और पार्टी से इस्तीफा देने की पेशकश
दैनिक रेवांचल टाइम्स – मण्डला।जनपद पंचायत मण्डला के उपाध्यक्ष संदीप सिंगौर ने गुरुवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में जनपद पंचायत मण्डला के सीईओ एवं अन्य अधिकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन बताया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप केवल उनकी छवि खराब करने और दबाव बनाने के उद्देश्य से लगाए जा रहे हैं।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान संदीप सिंगौर ने कहा कि उन्होंने जनपद पंचायत में हो रही कथित अनियमितताओं और घोटालों को लेकर संबंधित विभागों और प्रशासन के समक्ष शिकायत की थी। शिकायत करने के बाद से ही कुछ अधिकारी उनके खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन मामलों में उन्होंने पारदर्शिता और जांच की मांग उठाई, उसी के बाद अधिकारियों द्वारा उल्टे उन पर ही आरोप लगाए जाने लगे।
संदीप सिंगौर ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उनकी जिम्मेदारी है कि वह अपने क्षेत्र की जनता के हितों और विकास कार्यों की पारदर्शिता के लिए आवाज उठाएं। यदि किसी योजना या कार्य में अनियमितता सामने आती है तो उसका खुलासा होना जरूरी है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से जनता तक पहुंच सके।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उनके ऊपर लगाए गए आरोपों में जरा भी सच्चाई पाई जाती है तो वे जनपद सदस्य और जनपद पंचायत उपाध्यक्ष पद के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से कोई भय नहीं है और वे किसी भी प्रकार की निष्पक्ष जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं।
प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की। उनका कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच की जाती है तो सच्चाई स्वतः सामने आ जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
संदीप सिंगौर ने कहा कि वे क्षेत्र की जनता के हितों के लिए लगातार आवाज उठाते रहेंगे और किसी भी प्रकार के दबाव या आरोपों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल जनहित में काम करना और विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।