आख़िरकार सरकारी स्कूल का भवन ढह ही गया खुली भ्रष्टाचार की पोल

भरभरा कर ढह गई माध्यमिक शाला के बरामदे की छत, बच्चे सुरक्षित
सिंगारसत्ती एकीकृत माध्यमिक शाला का मामला
रेवाँचल टाईम्स – आदिवासी बाहुल्य जिले में कितना कार्य हो रहा है और उन कार्यों में कितनी गुणवत्ता है और जिम्मेदारों ने गबन करने में कितनी जिम्मेदारी निभाई है ये समय उसका जबाब दे ही देता है
वही जानकारी के अनुसार बजाग मुख्यालय से पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम सिंगारसत्ती के एकीकृत माध्यमिक शाला के बरामदे की छत का छज्जा बीते शाम भरभरा कर गिर गया।बरामदे की छत के जमीदोज हो जाने के बाद से विकासखंड अंतर्गत जर्जर भवन में संचालित किए जा रहे स्कूलों की सुरक्षा पर प्रश्नचिह लग गया है लोग सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंतित नजर आ रहे है।बारिश के चलते जिस स्कूल की छत गिरी वहां सोमवार शाम पांच बजे तक स्कूल संचालन होता रहा है।बच्चों की छुट्टी के बाद शाम को अचानक स्कूल का एक हिस्सा भरभरकर जमीदोज हो गया। जिसकी जानकारी स्थानीय लोगों को सुबह लगी ।लोगो ने इसके
तुरंत बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सूचना दी । इस घटना की सूचना पाते ही विकासखंड स्रोत समन्वयक बृजभान सिंह गौतम मौके पर पहुंच गए। और उन्होंने घटनाग्रस्त भवन में स्कूल के संचालन पर तत्काल रोक लगा दी।जिसके बाद मंगलवार को समीप के ही ग्रामपंचायत भवन में शाला की आठों कक्षाएं लगाई गई। बी आर सी द्वारा घटना के संबंध में पूरी जानकारी से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। कुछ देर उपरांत एसडीएम रामबाबू देवांगन, और बीईओ तीरथ परस्ते भी माध्यमिक शाला भवन पहुंच गए।जहा उन्होंने जमीदोज हुए बरामदे का निरीक्षण किया।इसके साथ ही एकीकृत माध्यमिक शाला के सभी कमरों की स्थिति का जायजा लिया ।एस डीएम ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शाला भवन की स्थिति को देखते हुए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।तथा भवन का मरम्मत एवं सुधार कार्य किए जाने तक उक्त भवन में स्कूल संचालन नहीं किए जाने के लिए निर्देशित किया गया है। एस डी एम ने शिक्षा विभाग के अमले को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर शाला के नियमित संचालन के लिए गांव में ही कोई मकान की व्यवस्था करने के लिए कहा है जहां पर प्राथमिक शाला का संचालन किया जा सके। इसके साथ ही माध्यमिक शाला की कक्षाओं का संचालन ग्राम पंचायत के अतिरिक्त भवन में किया जाएगा।
वही अनुविभागीय अधिकारी ने क्षतिग्रस्त बरामदे के मलबे को हटवाकर एन एच के सी एस आर मद से टीन शेड लगाने के लिए निर्देश दिए है
एस डी एम ने शिक्षा विभाग के अधिकारी कर्मचारी को निर्देश देते हुए कहा कि आज से ही ग्राम में कोई सुव्यवस्थित मकान या हाल देखकर किराए से लिया जाकर प्राथमिक शाला का संचालन शुरू किया जाए।साथ ही माध्यमिक शाला की मरम्मत कार्य भी शीघ्र ही प्रारंभ किया जा जाए। मौके पर पहुंचे बी आर सी बृजभान सिंह गौतम ने घटना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि भवन का निर्माण दो दशकों पुराना है जो कि बिना बीम और कालम के तैयार किया गया था।अत्यधिक बारिश होने की वजह से छत में सीपेज होने के कारण छज्जा गिरने की घटना हुईं है विभाग के उपयंत्री को बुलाकर भवन की मजबूती के संबंध में जानकारी ली जाएगी और आवश्यक मरम्मत कराकर शाला का संचालन किया जाएगा।
स्कूल के प्रधानाध्यापक नितिन कुमार रामटेके द्वारा बताया गया हैं कि वर्तमान में प्राथमिक शाला में 51 छात्र एवं माध्यमिक शाला में 71 छात्र छात्राएं अध्यन रत हैं जिस स्थान पर छज्जा गिरा है वहां पर रोजाना की तरह सोमवार को भी स्कूल के सभी शिक्षकीय स्टाफ बैठे थे लंच की छुट्टियों में भी बच्चे इसी बरामदे में खेलते है भवन की हालत देखने में नहीं लगता है कि गिरने की स्थिति में है वही ग्राम के सरपंच वा स्थानीय लोगों ने बताया लगभग स्कूल भवन के निर्माण को लगभग 22 वर्ष हो चुके है एक वर्ष पहले ही शाला के सपीप पुल निर्माण कार्य चालू था जिसमें विस्फोटक लगाकर लगाकर ब्लास्टिंग की गई थी जिसके पत्थर उछलकर भवन के छत पर गिर रहे थे ग्रामीणों का अनुमान है कि उसी वजह से भवन कमजोर हो गया है , स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नया भवन स्वीकृत कराकर निर्माण कार्य किया जाए ताकि हमारे बच्चे सुरक्षित भवन में पढ़ सके।
इस घटना के बाद अनुविभागीय अधिकारी रामबाबू देवांगन ने बुधवार को विकासखंड बजाग एवं करंजिया के शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों की आवश्यक बैठक बुलाई है जिसमें स्कूलों की मौजूदा स्थिति और जर्जर भवन के संबंध में आवश्यक समीक्षा की जानी है
इनका कहना है
यह घटना मौजूदा सरकार के भ्रष्टाचार का जीता जागता उदाहरण है भवन मरम्मत के नाम पर आई राशि कहा खर्च की जा रही है। विकासखंड के ज्यादातर स्कूलों के बच्चे जर्जर भवन में जान जोखिम में डालकर विद्या अध्ययन कर रहे है!
लोकेश पटेरिया
जनपद सदस्य