ये मंडला जिले में कैसा विकास रस्सी के बल लोग कर रहे नदी पार..

ग्राम बाँदरवाड़ी की टूटी पुलिया बनी जान का खतरा, ग्रामीण रस्सी के सहारे कर रहे है इस पार से उस पार

रेवांचल टाईम्स – मंडला, आदिवासी बाहुल्य जिले में कितना किन किन ग्रामो या नगर में हुआ है ये आज किसी से छिपा नही है जिले ये कहावत सही साबित हो रही कि आगे आगे पाठ पीछे सपाट मतलब है कि जिले में जो मंत्री विधायक जिला प्रशासन के द्वारा जनहित के कार्य किये जा रहे गया वह केवल देखने मे बहुत सुंदर दिखाई पड़ते है पर उनमें कितनी गुणवत्ता होती है ये एक बार मे प्राकृतिक बतला देती है और जनता के लिए हुए विकास कार्य मे किसका कितना हिस्सा मिला और कितना मोके में लगा ये आज किसी को बताने की आवश्कता नही है क्योंकि आय भारत 21वी सदी में पहुँच चुका है और सब ऑनलाईन में सच्चाई दिखाई पड़ रही जो जमी में दिखाइ नही पड़ती हैं।

कागजों में पूरे कार्य पर जमी हकीकत कुछ और

वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के विकास खण्ड घुघरी विकास विकास खंड मवई में आज भी निवासरत लोगो को मुलभूत सुविधाएं समय मे नही मिल पा रही है न अच्छी सड़क है और न ही बिजली पानी और न ही शिक्षा पर जिले में दफ्तरों बैठे अधिकारी कर्मचारी के टेबिल में पड़े कागज़ के आंकड़े सही बता रहे किसी को कोई समस्याएं नही हैं।

सालों पुरानी पुलिया बह गई लोग रस्सी से कर रहे नदी पार

वही जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत मवई के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बाँदरवाड़ी जो कि छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से लगी हुई है और नक्सली गतिविधियों से भी जुड़ी हुई है। वर्तमान में लगातार बारिश होने के चलते तटमा नदी में बने वर्षो पुराना पुल जो पहले से ही जीर्ण शीर्ण अवस्था मे था जो इस बार नदी के तेज वहाव के चलते आधा पुल भी बह गया जिस कारण से ग्राम बाँदरवाड़ी सहित आसपास के दर्जनो गांवों का संपर्क पूरी तरह से बाधित हो गया है।

ग्रामीण जान की परवाह न करते रस्सी के सहारे हो रहे है आरपार

वही कुछ स्थानीय ग्रामीणों को अपनी मुलभूत सुविधाओं के लिए आना जाना पड़ रहा हैं और स्थानीय प्रशासन की अनदेखी के चलते आज तक उस स्थान में जिम्मेदार कोई भी अधिकारी कर्मचारी नही पहुँचा और नही ग्रामीणों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था बनाई गई है लोग बाढ़ के पानी के अंदर से अब अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे है। बारिश के समय पुलिया के स्थान पर पानी भर जाता है और लोगों को रस्सी के सहारे पार करना पड़ता है। छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।

स्थानीय ग्रामीणों की जनमांग जल्द बनाई जाए व्यवस्था

वही स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द पुलिया की मरम्मत की मांग की है। और बारिश के चलते उन्हें आवागमन करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाने की मांग कर रहे हैं यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है।

ग्रामीणों की गुहार:

“हम लोग हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से गुजरते हैं। कई बार बच्चे फिसल जाते हैं। बरसात में यह स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है,” एक स्थानीय निवासी ने बताया।

प्रशासन से ग्रामीणों की अपील:

वही ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से निवेदन किया है कि जल्द से जल्द पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि गांव का संपर्क बहाल हो सके और आम जनजीवन सुरक्षित रह सके। और कोई बड़ी जनहानि न हो इसलिए ग्रामीणों के लिए तत्काल आवागमन के लिए प्रशासन व्यवस्था करे।

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