हवा में जहर घोल रहे स्टोन क्रेशर आखिर कर मौन क्यों है जिम्मेदार…?

लूट रहे प्रकृति का अनमोल खजाना, शासन प्रशासन की मिलीभगत पहुँचा रहें राजस्व क्षति

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रेवांचल टाईम्स – मंडला, आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में किस कदर बेलगाम हो चुके है खनन माफ़िया सरकारी तंत्र की नाकामी और संरक्षण स्पस्ट नजर आ रही जिस कारण से स्थानीय ग्रामीणों में जिला प्रशासन और राजनीति के जिम्मदारों पर नाराजगी देखी जा रही हैं, ग्रामीणों का कहना है कोई मरे तो मरे किसी गरीब का खेती बाड़ी उजड़ जाए तो उजड़ जाए और क्रेसर के लिए जगह जगह किये गए गड्डो में कोई आदमी या जानवर गिर जा तो गिर जाए इन्हें क्या लेना देना है नुकसान तो हमेशा ग़रीबो का ही हुआ जिम्मेदार और बड़ो ने केवल घटना और दुघर्टना में अवशोष जताने ही आते है और फिर चले जाते हैं।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंडला जिले में राजनीति संरक्षण और शासन प्रशासन के संरक्षण में जिले में कई तरह के अवैध कार्य तेजी से आबाद हो रहे हैं अवैध कार्यों को रोकने के लिए शासन प्रशासन द्वारा कब परिणामकारी कार्रवाई की जाएगी नागरिक सवाल कर रहे हैं यह सभी को ज्ञात है कि इस जिले में अंधेर नगरी चौपट राजा का साम्राज्य स्थापित हो गया है हर तरफ मनमानी लापरवाही और धांधली हो रही है सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन सही तरीके से इस जिले में नहीं हो पा रहा है जन कल्याण की योजनाओं का लाभ भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है इसके अलावा जिले में अवैध कार्यों पर रोक नहीं लग पा रही है देखा यह जा रहा है कि मध्य प्रदेश के मंडला जिले में खनिज संपदा की लूट मची हुई है प्रकृति ने इस जिले को खूब नवाजा है प्रकृति का अनमोल खजाना इस जिले में खनिज संपदा के रूप में हर तरफ है लेकिन जहां देखो वहां इस अनमोल संपदा की लूट मची हुई है जिम्मदारों ने अपनी जेब भरने में कोई कसर नही छोड़ रहे है लगातार इस आशय की खबर भी प्रकाशित की जा रही है लेकिन शासन प्रशासन के द्वारा कोई सही कार्रवाई नहीं होने की वजह से अभी तक रोक नहीं लग पाई है मध्य प्रदेश के मंडला जिले में जहां देखो वहां नियमों को ताक में रख कर अवैध स्टोन क्रेशर चल रहे हैं खनिज माफिया नियम कानून को ताक में रखकर अवैध तरीके से स्टोन क्रेशर का संचालन संपूर्ण मंडला जिले में कर रहे हैं जो निर्धारित नियम कानून स्टोन क्रेशर संचालन के लिए बनाए गए हैं उन निर्धारित नियम कानून का पालन खनिज माफिया द्वारा नहीं किया जा रहा है खनिज माफिया बेखौफ होकर खनिज संपदा लूट रहे हैं और शासन प्रशासन के अधिकारी मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रहे हैं लगातार स्टोन क्रेशर के संबंध में खबर प्रकाशित की जा रही है लेकिन जिला खनिज विभाग के जिम्मदारों और शासन प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारीयो के कानो में जू तक नहीं रेंग रही है, इससे स्पस्ट समझा जा सकता है कि इन खनन माफियाओं की किस कदर कि पकड़ हैं और इन्हें किस कदर संरक्षण प्राप्त है जिसकी वजह से अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है, जिस कारण से बेखौफ स्टोन क्रेशर संचालक मनमानी पर उतारू हो गए हैं स्टोन क्रेशर स्थल पर डस्ट अरेस्टर आखिरकार नहीं लगाया जा रहा है जिसकी वजह से स्टोन क्रेशर से उड़ने वाली धूल पर्यावरण को प्रदूषित कर रही है आसपास की उपजाऊ जमीन बंजर हो रही है और उड़ने वाली धूल से मानव स्वास्थ्य को खतरा बढ़ता जा रहा है पत्थरों को तोड़ने के लिए ब्लास्टिंग की जा रही है ब्लास्टिंग की अनुमति आखिरकार कौन दे रहा है क्या बिना अनुमति के ब्लास्टिंग की जा रही है यह जांच का विषय हो जाने के बाद भी कोई जांच पड़ताल नहीं की जा रही है खुलेआम स्टोन क्रेशर संचालक खनिज संपदा लूट रहे हैं और इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है जानकारों की माने तो स्टोन क्रेशर संचालन के लिए उद्योग विभाग में पंजीयन होना चाहिए डस्ट अरेस्टर स्टोन क्रेशर स्थल पर लगाना चाहिए स्टोन क्रेशर स्थल पर पानी और वृक्षारोपण का प्रबंध होना चाहिए मजदूरों का पंजीयन होना चाहिए मजदूरों का बीमा होना चाहिए कितनी रॉयल्टी जमा की जा रही है कितनी नहीं उसकी जांच होना चाहिए आसपास की भूमि बंजर ना हो इस बात का ध्यान रखना चाहिए पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का प्रमाण पत्र होना चाहिए यह सब कुछ अधिकांश स्टोन क्रेशर संचालक के पास मौजूद नहीं है इन सभी नियम कानून को ठेंगा दिखाते हुए स्टोन क्रेशर संचालक मनमानी कर रहे हैं और खुलेआम खनिज संपदा का दोहन कर रहे हैं मध्य प्रदेश के मंडला जिले की तहसील नैनपुर के ग्राम परसवाड़ा, पाठा सिहोरा गजना, कोकीवाडा, खुर्सीपार बंजारा टोला, देवरी, सरा चौराहा चीचोली, चरगांव, सहित मध्य प्रदेश के मंडला जिले के लगभग सभी ग्रामों में भारी मात्रा में स्टोन क्रेशर अवैध तरीके से चल रहे हैं नियम कानून का पालन बिल्कुल नहीं किया जा रहा है नियम कानून को जेब में रखकर खनिज माफिया खुलेआम खनिज संपदा की लूट कर रहे हैं जानकारी मिल रही है कि शासन प्रशासन के सभी आला अधिकारी जो इससे संबंधित है संबंधित विभाग और प्रशासन के उच्च अधिकारी कमीशन खोरी के चक्कर में स्टोन क्रेशर संचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं जबकि इन्हें भी पता है कि जिले में अवैध तरीके से स्टोन क्रेशर चल रहे हैं नियम कानून का पालन नहीं किया जा रहा है पूरे जिले में पर्यावरण प्रदूषित होते जा रहा है पर्यावरण को बचाने के लिए कोई उपाय नहीं किया जा रहे हैं लगातार स्टोन क्रेशर पर्यावरण को प्रदूषित कर रहे हैं और सभी जवाबदार हाथ पर हाथ रख कर बैठे हुए हैं अवैध चल रहे स्टोन क्रेशर से खनिज संपदा की लूट मची हुई है इनस्टोन क्रशरों से भारी मात्रा में डंपरों द्वारा ओवरलोड खनिज सामग्री भरकर परिवहन किया जा रहा है पूरे जिले में जहां देखो वहां ओवरलोड खनिज सामग्री का परिवहन डंपर कर रहे हैं और धमांचौकड़ी मचा रहे हैं डंपर की कोई जांच पड़ताल नहीं कर रहा है डंपरों की जांच पड़ताल यदि की जाए तो कई तथ्य उजागर हो सकते हैं डंपरों से माल कहां जा रहा है इस विषय पर भी कोई जांच पड़ताल नहीं की जा रही है देखा यह जा रहा है कि दिन-रात डंपर सड़क पर चल रहे हैं और ओवरलोड खनिज सामग्री भरकर परिवहन कर रहे हैं ओवरलोड डंपर सड़कों को कुचल रहे हैं सड़कों का हाल डंपरों की वजह से खराब होता जा रहा है अधिकांश सड़क घटिया निर्माण की वजह से जर्जर तो हो ही रहे हैं साथ में डंपर भी सड़कों को कुचल कर क्षतिग्रस्त कर रहे हैं इस तरह से संपूर्ण मंडला जिले में स्टोन क्रशर के संचालन से कई तरह का नुकसान हो रहा है जिसकी भरपाई कौन करेगा यह जांच का विषय हो गया है जन अपेक्षा है सरकार सभी स्टोन क्रेशर की सही जांच पड़ताल की जावे और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए स्टोन क्रेशर स्थल पर सभी नियम कानून का पालन कराया जावे साथ में अवैध चल रहे स्टोन क्रेशर को तत्काल बंद किया जाए पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जाए उपजाऊ जमीन को बंजर होने से बचाया जाए और मानव स्वास्थ्य का जो खतरा बना हुआ है उसे दूर किया जाए।

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