चुटका प्रभावितों ने हिरोशिमा दिवस मनाया गोंडवाना राज्य संकल्प यात्रा चुटका पहुंची

रेवाँचल टाईम्स – मंडला नारायणगंज के चुटका परमाणु परियोजना के घातक खतरे को लेकर प्रभावितों द्वारा हिरोशिमा दिवस मनाया गया।द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 6 अगस्त, 1945 को अमेरिका द्वारा जापान के हिरोशिमा पर किए गए परमाणु बम हमले की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। जिसमें लगभग 70,000-80,000 लोग तत्काल मारे गये, तथा बाद में अनेक लोग चोटों और विकिरण के कारण मर गये।चुटका परमाणु विरोधी संघर्ष समिति के अध्यक्ष दादु लाल कुङापे ने कहा कि परमाणु विकिरण के खतरे सर्वविदित है। इसके बाद भी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में चुटका परमाणु परियोजना स्थापित करना कहां तक उचित है। संगठन की मीरा बाई मरावी ने कहा कि भारत सरकार ने 10 परमाणु रिएक्टरों की मंजूरी दी है। जिसमें दो रिएक्टर चुटका के लिए भी शामिल है।यह हमारे और क्षेत्र के लोगों के लिए मौत का अनुबंध है।
कल शाम में 1 अगस्त को पेन ठाना राज राजेश्वरी मंडला से निकली गोंडवाना राज्य संकल्प यात्रा भी चुटका पहुंची। ग्रामीणों ने यात्रा में आए सभी लोगों का आत्मिय स्वागत किया। ग्रामीणों ने यात्रा में आए लोगों को बताया कि चुटका परमाणु परियोजना 2009 से प्रस्तावित है।जब से यह परियोजना प्रस्तावित हुआ है तबसे ग्राम सभा इस परियोजना का विरोध कर रही है। विरोध के कारण दो बार पर्यावरणीय जन सुनवाई स्थगित करना पड़ा था। भूमि अधिग्रहण को लेकर लेकर ग्रामीणों ने लिखित में आपत्तियां की थी। परन्तु सभी आपत्तियों का दर किनार कर जबलपुर कमिश्नर ने भू अर्जन का अवार्ड पारित कर दिया। फिर बिना सहमति के जमीन का मुआवजा खाते में डाल दिया गया। लोकतांत्रिक और कानूनी प्रावधानों का जबरदस्त उलंघन किया गया है। संकल्प यात्रा का नेतृत्व कर रहे मंडला जिला गोंडवाना गणतंत्र पार्टी युवा मोर्चा के अध्यक्ष संतोष परस्ते ने चुटका परमाणु परियोजना के संघर्षों का पूर्ण समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बांध परियोजनाओं, राष्ट्रीय उद्यानों, टाइगर प्रोजेक्ट्स ,वन्यजीव कॉरिडोर और चुटका जैसी घातक विकास योजनाओं के नाम पर आदिवासियों को अपनी पैतृक जमीन से बेदखल किया जा रहा है। इसे रोका जाना चाहिए। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रवक्ता राधेश्याम कोकड़िया ने कहा कि वनाधिकार कानून, जो हमारी भूमि से हमारा रिश्ता जोड़े रखता है। यह कानून व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार का हक देता है, जो पूरे समाज को एकजुट करता है। परन्तु ऐतिहासिक अन्याय जो हम पर पहले हुआ था और अब भी हो रहा है। गोंडवाना स्टूडेंट यूनियन प्रदेश महासचिव सेम परते ने कहा कि हमारा रूढ़िगत और पारंपरिक व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है। पेसा कानून और नियम के मंशा अनुरुप सरकारी अधिकारी इसका पालन नहीं कर रहे हैं। यह संकल्प यात्रा हक, पहचान और हमारी पीढ़ियों के सम्मान की आवाज़ है। इस संकल्प यात्रा में शामिल लोगों के अलावा चुटका गांव के सोना बाई, सरिता बाई, हीरा बती बाई,कमल सिंह बरकङे, तेजी लाल कोकङीया,गेहबर सिंह,संतराम,धरम सिंह आदि की विशेष उपस्थिति थी।